सद के लगातार बाधित हो रहे मॉनसून सत्र को लेकर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चल पा रही है, जिससे जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही और टैक्सपेयर्स का करोड़ों रुपये भी व्यर्थ खर्च हो रहा है. मालीवाल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से संसद की गरिमा बनाए रखने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की.
दो सप्ताह से प्रभावित है संसद की कार्यवाही
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पिछले दो सप्ताह से संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि संसद के हर दिन के सत्र पर टैक्सपेयर्स के करोड़ों रुपये खर्च होते हैं. देश की जनता चाहती है कि उनके मुद्दे संसद में उठें, उन पर गंभीर चर्चा हो और समस्याओं का समाधान निकले.
जनता की आवाज उठाने के लिए संसद पहुंचते हैं सांसद
मालीवाल ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सांसद देश के अलग-अलग हिस्सों से जनता की उम्मीदों और समस्याओं का प्रतिनिधित्व करने संसद पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों का विश्वास लेकर आने वाले जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सदन में सार्थक बहस करें और जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएं.
नारेबाजी और हंगामे से नहीं चल पा रही कार्यवाही
राज्यसभा सांसद ने कहा कि जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होती है, विपक्ष के कुछ सदस्य नारेबाजी, टेबल पीटना, तालियां बजाना और हंगामा शुरू कर देते हैं. उन्होंने कहा कि यदि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चलने दी जाए तो विपक्ष अपने सभी मुद्दे ज़ीरो आवर, प्रश्नकाल, विधेयकों पर चर्चा और स्पेशल मेंशन जैसे संसदीय माध्यमों के जरिए प्रभावी तरीके से उठा सकता है.
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, लेकिन संसद भी चलनी चाहिए
स्वाति मालीवाल ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का कर्तव्य भी है. हालांकि उन्होंने कहा कि हर दिन संसद की कार्यवाही बाधित करना सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि संसद को लगातार ठप कर देने से आखिर किसका भला हो रहा है और इस पर सभी पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए.
'पूरा देश देख रहा है, संसद चलने दें'
अपने वीडियो संदेश के अंत में स्वाति मालीवाल ने कहा कि पूरा देश संसद की कार्यवाही पर नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि यही वह गरिमामयी सदन है, जहां देश के अनेक महान नेताओं ने बैठकर भारत के विकास की मजबूत नींव रखी थी. उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से अपील करते हुए कहा, "मेरी सभी से अपील है कि संसद को सुचारु रूप से चलने दें."
