पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले की जांच चल रही है. जांच एजेंसी मर्डर केस के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है. वहीं, हत्याकांड में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए राज सिंह ने जेल से रिहा होने के बाद कई चौंकाने वाले दावे किए हैं.
'मुझे एनकाउंटर की दी धमकी'
राज सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान कहा, 'मुझे गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था, मुझे किसी और राज कुमार सिंह समझ लिया गया था. मैं अपनी मां के साथ अयोध्या दर्शन के लिए गया था. घर लौटते समय, पुलिस की एक टीम ने मुझे गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी, न ही सबूत मांगे. उन्होंने मुझे मुठभेड़ की धमकी दी और जबरन कबूलनामा करवाने की कोशिश की.'
उन्होंने आगे कहा, बाद में, मुझे कोलकाता ले जाया गया, जहां सीआईडी ने मुझे उस अपराध को कबूल करवाने के लिए प्रताड़ित किया जो मैंने किया ही नहीं था. उनका इरादा मुझे अपराधी साबित करना था. जब सीबीआई ने जांच की, तो उन्होंने जनता के सामने सच्चाई उजागर की और मुझे निर्दोष साबित किया. मैं निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई का आभारी हूं.
'डर लगता था कि मार दिया जाएगा'
राज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उस पुलिस टीम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. कहा, 'मैं भाजपा में रहा हूं, मेरे पिता भी भाजपा में थे. मैं क्षत्रिय महासभा से जुड़ा रहा हूं, लेकिन किसी भी संगठन ने मेरा समर्थन नहीं किया. हर रात मुझे डर लगता था कि मुझे झूठे आरोप में उठाकर मुठभेड़ में मार दिया जाएगा, जबकि मेरे खिलाफ कोई मामला नहीं था. भला कौन नहीं डरेगा?"
6 मई को हुई थी शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या
6 मई की रात उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमले के समय चंद्रनाथ गाड़ी में ड्राइवर के बगल में बैठे थे. गोलीबारी में ड्राइवर भी घायल हो गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर एक मोटरसाइकिल पर आए और उन्होंने गोलियां चला दीं. वारदात के बाद चंद्रनाथ और घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया.
CBI कर रही जांच
बंगला पुलिस ने मर्डर केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. इस मामले में जांचकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश से दो लोगों और बिहार के बक्सर से एक शार्पशूटर को गिरफ्तार किया था. हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता कौन था और किसकी साजिश के चलते यह हत्या हुई, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.
