पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और अब उन्हें बंगाल पुलिस की सीआईडी की कस्टडी में भेजा गया है. मयंक राज मिश्रा, विकी मौर्या और राज सिंह को कोर्ट ने 13 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा है. अहम बात यह है कि बंगाल पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी जांच में जुटी थी.
पुलिस ने कोर्ट में बताया है कि आरोपियों के पास से हथियारों की रिकवरी बाकी है. इसके साथ ही कुछ फरार साथियों की भी तलाश चल रही है. पुलिस का कहना है कि वह इस मर्डर केस की पूरी चेन पता करने में जुटी है, जिससे यह पता चल सके कि हत्या के लिए कब रेकी की गई और कैसे प्लानिंग हुई. पुलिस पूरे मामले को रीक्रिएट करेगी और पता करेगी कि किसने कहने पर हत्याकांड को अंजाम दिया गया. इस ग्राउंड पर कोर्ट ने सीआईडी को तीनों आरोपियों की 13 दिन की कस्टडी वेस्ट बंगाल पुलिस की सीआईडी को सौंपी है.
आरोपियों के खिलाफ किस धारा में दर्ज किया गया केस
पुलिस ने मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से रविवार को हिरासत में लिया था. तीसरा आरोपी राज सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया से पकड़ा गया था. 10 मई को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ के आधार पर सोमवार (11 मई) सुबह तीनों को गिरफ्तार किया गया. इन पर धारा 103(1)/111(2)(a)/126(2)/ 3(5) और 61(1) BNS r/w 25/27 Arms Act के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
आरोपियों तक कैसे पहुंची पुलिस
शुरुआती जांच में पता चला है कि शुभेंदु अधिकारी के पीए रथ के वाहन को मध्यमग्राम क्रॉसिंग के पास दोहाड़िया इलाके में एक कार ने रोका था और उसी समय एक मोटरसाइकिल भी वहां पहुंची थी. जांच में यह भी पता चला है कि हमले में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी. उस दौरान कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई के जरिए टोल का भुगतान किया था. दावा किया जा रहा है कि इसी यूपीआई के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची है.
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