पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में लक्ष्मी भंडार स्कीम (Lakshmir bhandar Yojana) में हुए घोटाले की एसआईटी जांच करने के आदेश दिए हैं. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के डीजीपी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महिला नकद हस्तांतरण योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ के फर्जी खातों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया गया है. 

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घुसपैठियों ने हड़पा महिलाओं का हक: शुभेंदु

सीएम शुभेंदु अधिकारी के अनुसार बहरामपुर में 22 फर्जी लाभार्थियों के मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक अकाउंट रकीबुल नाम के व्यक्ति से जुड़ा है, जबकि 15 खाते मुस्तफिजुर शेख और उसकी पत्नी के नाम पर पाए गए हैं. सीएम का आरोप है कि टीएमसी के पुरुष नेताओं और घुसपैठियों ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही इस योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया है. उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी पहचान या गलत तरीके से इस योजना का लाभ उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

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टीएमसी ने दो विधायकों को किया सस्पेंड

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी के वादे के मुताबिक महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू कर दी गई है और अन्नपूर्णा योजना भी चल रही है. उन्होंने बताया कि इसे लेकर बुधवार (3 जून 2026) को एक बड़ा कार्यक्रम होने वाला है. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के भीतर विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (सिग्नेचर फ्रॉड) का आरोप लगाया, जिससे नया राजनीति विवाद खड़ा हो गया है. दो टीएमसी विधायकों, रीताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की शिकायतों के बाद हरे स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण टीएमसी ने दोनों विधायकों को सस्पेंड कर दिया.

सीआईडी (CID) की जांच में कई टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर मेल नहीं खाए, जिसके बाद इस मामले में अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजा गया है. शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए उन्हें "पक्का चोर" कहा और चेतावनी दी कि पुलिस जांच में सहयोग न करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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