नीट यूजी परीक्षा 21 जून को दोबारा होने जा रही है. परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी है, जिसमें कहा गया था कि परीक्षा पेन-पेपर की बजाय कंप्यूटर बेस्ड (CBT Mode) करवाई जाए. आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने यह याचिका दाखिल की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल ऐसी परीक्षा को अव्यवहारिक माना. हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से बार-बार अनुरोध किए जाने पर कोर्ट ने कहा कि उसने नीट से जुड़ी याचिकाओं को जुलाई में सुनवाई के लिए लगाया है. इस याचिका को भी उनके साथ सुना जाएगा.
याचिकाकर्ता सुधाकर सिंह नीट परीक्षा में विभिन्न राहतों को लेकर जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच के सामने पेश हुईं, लेकिन आज उन्होंने मुख्यरूप से सिर्फ इस मांग पर ही जोर दिया कि सीबीटी मोड में एग्जाम हो. उनके वकील ने कोर्ट में कहा, 'आज मैं सिर्फ एक ही अपील पर जोर दे रहा हूं कि परीक्षा सीबीटी मोड में हो.'
जस्टिस नरसिम्हा ने इस मांग पर कहा कि पहले भी ऐसी अपील की गई हैं और हमने उन्हें खारिज कर दिया था. बेंच ने एग्जाम को लेकर परीक्षा अधिकारियों के सामने आने वाली परेशानियों की ओर इशारा किया. जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि इस स्टेज पर ऐसी राहत देने का सवाल ही नहीं उठता है. उन्होंने कहा कि अधिकारी पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.
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जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'आपको पता है, हम कैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. परीक्षा रद्द हो गई और अब फिर से परीक्षा करवाई जा रही है.' उन्होंने अधिकारियों पर पड़ रहे दबाव का जिक्र किया और कहा कि पहले भी ऐसी मांग खारिज कर दी गई हैं. वकील ने जब दोबारा कहा कि वह सिर्फ सीबीटी परीक्षा को लेकर बात कर रहे हैं, तो कोर्ट ने कहा कि तत्काल इस पर सुनवाई नहीं की जा सकती है.
जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, 'हम छुट्टियों के बाद यह मामला देखेंगे.' इसके बाद कोर्ट ने दूसरी याचिकाओं के साथ इस मांग को भी सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया.
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ)
