सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की तरफ से फ्रीज किए गए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों के मामले में दखल से मना कर दिया है. जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले में संतुलित आदेश दिया है. इसमें पार्टी के रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए व्यवस्था की गई है.
मामला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के एक बैंक खाते से 'केयरवेल एविएशन' नाम की कंपनी को 133.84 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने से जुड़ा है. कथित तौर पर विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए किए गए इस ट्रांसफर को लेकर ED ने मनी लॉन्डिंग का केस दर्ज किया है. जांच के तहत ईडी ने टीएमसी के तीन खातों से डेबिट पर प्रतिबंध लगाया है.
टीएमसी की क्या थी मांग?
ईडी की कार्रवाई के खिलाफ टीएमसी कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची. हाई कोर्ट ने उसकी याचिका को सुनते हुए 9 जुलाई को रिटायर्ड जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी नियुक्त किया. टीएमसी को विशेष अधिकारी की देखरेख में फ्रीज खातों से ज़रूरी प्रशासनिक और दैनिक खर्चों की अनुमति दी गई थी. टीएमसी ने अपने खातों को पूरी तरह संचालित करने की मांग की थी. 20 जुलाई को हाई कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया था.
सरकार के वकील ने क्या कहा?
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. इसके अलावा उसके बागी नेता विश्वनाथ दास ने भी एक याचिका दाखिल की थी. तृणमूल कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि HDFC बैंक के तीन खातों को फ्रीज किया गया है. उनमें 440 करोड़ रुपए हैं. दूसरे खातों पर भी असर पड़ा है. इसका जवाब देते हुए ईडी के लिए पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि पार्टी को रोजमर्रा के खर्चों की कोई समस्या नहीं है.
राजू ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को विशेष अधिकारी के सामने अपनी सभी आपत्तियां और दलीलें रखने की छूट भी दी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट ने संतुलित आदेश दिया है.सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि फिलहाल पार्टी के खातों का संचालन कलकत्ता हाई कोर्ट की शर्तों और विशेष अधिकारी की देखरेख में ही जारी रहेगा.
