ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई उस मामले की जांच के तहत की गई है, जिसमें शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं और अवैध तरीके से पैसे के लेन-देन के आरोप लगे थे.

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104 करोड़ पहुंचाए कांग्रेस भवन

17  जुलाई को रामगोपाल को EOW ने गिरफ्तार किया था. अब ईडी ने कस्टडी मांगी है जो ईडी को आज मिल गई हैं. EOW ने उन्हें लिकर स्कैम घोटाले में भी गिरफ्तार किया था, वहीं, ओवरटाइम घोटाले में भी पूछताछ करने की अनुमति भी कोर्ट से मिली थी. EOW का दावा है कि 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन पहुंचाए गए.

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जांच एजेंसी के मुताबिक, कोल लेवी मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से मिली डायरियों के विश्लेषण के आधार पर यह जांच आगे बढ़ी है. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित रकम के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के कोल लेवी, शराब घोटाला, DMF और कस्टम मिलिंग जैसे मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है.

8 जुलाई को किया सरेंडररामगोपाल अग्रवाल तीन साल से फरार थे. 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था. इसके बाद मेडिकल टेस्ट कर उन्हें अदालत में पेश किया गया था. 9 जुलाई से 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी. रिमांड का समय पूरा होने के बाद उन्हें 5 अगस्त को EOW की कस्टडी में भेज दिया गया था.

क्या है शराब घोटालाछत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ईडी कर रही है. दर्ज हुई एफआईआर में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. ईडी को जांच में पता चला है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था.

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