जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. वे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं. सोनम वांगचुक और सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वांगचुक ने नीट पेपर लीक मामले पर कहा कि अगर पेपर खरीदकर पास हुए लोग इंजीनियर बनेंगे तो बिल्डिंगें गिरेंगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को मैसेज देते हुए कहा कि उन्हें जनता की आवाज को सुनना चाहिए.

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सोनम वांगचुक से पूछा गया कि क्या एक व्यक्ति के इस्तीफे से पूरा सिस्टम बदल जाएगा. उन्होंने 'इंडियन एक्सप्रेस' से बात करते हुए कहा, 'बिल्कुल नहीं, लेकिन जवाबदेही की एक शुरुआत होगी. जब तक जवाबदेही नहीं तय होगी, तब तक मनमानी चलती रहेगी. ये सिर्फ परीक्षाओं की बात नहीं है, ये उन डॉक्टरों की बात है, जो आपके बच्चों का इलाज करेंगे. वे कैसे डॉक्टर होंगो, जिन्होंने मेहनत नहीं की और बेइमानी से परीक्षा पास की. उनके हाथों आपके बच्चे मरेंगे. बिना पढ़े इंजीनियर बने लोग, बिल्डिंगें बनाएंगे तो वे गिरेंगीं.'

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पेपर खरीदकर लाए लोग बनेंगे इंजीनियर - वांगचुक

उन्होंने कहा, 'जो होनहार हैं, वे क्लर्क बनेंगे और पेपर खरीदकर लाए लोग आपके भवन बनाएंगे. आपकी पुश्तें मरती रहेगी. इससे बड़ी बात है कि देश में आज ईमानदारी का कोई मूल्य नहीं है. आज वोट से लेकर पेपर तक सब कुछ बिकाऊ है. अब बताइए कि देश कैसे आगे बढ़ेगा, कैसे विकास होगा. हम ग्लोबल विलेज में मुंह दिखार सीना तानकर चलने लायक नहीं रहेंगे.'

प्रधानमंत्री मोदी को वांगचुक ने क्या दिया मैसेज

वांगुचक ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कहा, 'मैं हमेशा सोचता हूं कि वे अपने देश और पार्टी के दूरगामी हित को देख पाएं. अगर देख पाएं तो दूरगामी हित इसी में है कि वे देश की जनता की आवाज सुनें. वे संवेदनशील हों, न की कठोर हों. लोकतंत्र में राजनीति कठोरता से नहीं, नरम दिल से चलती है.'

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