नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के केस में फंसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अप सिर्फ छह महीने में ही फैसला आएगा. केंद्र सरकार ने आज पचास साल पुराने कानून में बदलाव करते हुए यह फैसला किया. सरकार के इस फैसले से लंबित पड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में तेजी आएगी.
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने आज जो नोटिफिकेशन जारी किया उसके मुताबिक जांच एजेंसी को छह महीने के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी. अगर इस समय के अधिक समय तभी मिलेगा जब जांच ऑथॉरिटी लिखित में एक उचित कारण बताएगी.
आपको बता दें कि अभी तक इस तरह की जांच के लिए कोई समय सीमा नहीं थी. नया नियम सभी कैटेगरी के कर्मचारियों पर लागू होगा इनमें आईएएस, आईपीएस भी शामिल हैं. एंटी करप्शन वॉचडॉग के मुताबिक छह महीने का समय जांच अधिकारी की नियुक्ति के बाद से शुरू होगा.
नए नियम के मुताबिक जांच अथॉरिटी सरकार को आरोपों की लिस्ट, दुर्व्यवहार के आरोप की कॉपी, इसके साथ ही गवाहों की लिस्ट जिनके आधार पर आरोप लगे हैं उसे भ्रष्टाचार के आरोपी सरकार कर्मचारी को सौंपना होगा.
