अयोध्या में  श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, 'आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है. वह ऐतिहासिक क्षण जब भगवान श्री राम चंद्र ने स्वयं अवध की धरती पर पुन: अपने भक्तों को दर्शन देने का समय निश्चित किया था. उसके दो साल पूरे हो गए हैं. ये वही भूमि है जो वर्षों तक रक्तरंजित रही है, जिसने अपने राम के लिए अपने राजा के लिए असहनीय प्रतीक्षा की है.'

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उन्होंने कहा, 'पहले जब ऋषियों ने विश्वनिर्माण के लिए यज्ञ करने की कभी कोशिश करते थे, तब कुछ असुरी शक्ति आ जाय करती थी. उसी तरह जब राम मंदिर के लिए रथ यात्रा शुरू हुई तब वैसे ही असुरी शक्तियां आई. उस समय राम का नाम लेने वालों को जेल के दीवारों के पीछे कर दिया गया था. समय सबका न्याय करता है, जिसने राम राज्य का साथ दिया वो प्रभु के आशीर्वाद से राष्ट्र सेवा में लगा हुआ है और जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई उसकी हालत भी आज पूरी दुनिया देख रही है.'

'अयोध्या को निहित स्वार्थ के लिए उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया'

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी के उपस्थिति के लिए उनका अभिनन्दन करता हूं. अयोध्या के नाम से ही एहसास होता है,यहां कभी युद्ध नही हुआ, कोई भी दुश्मन यहां के पराक्रम के सामने कभी टिक नही पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपनी निहित स्वार्थ, मजहबी जुनून और सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था.'

उन्होंने कहा, 'याद करिए जब देश के प्रधानमंत्री मोदी जी अयोध्या आ कर राम लल्ला की प्राणप्रतिष्ठा की और अयोध्या से ग़ुलामी का कलंक हटाया. अयोध्या की इस दिव्यता को भव्यता को अनंत काल तक बनाए रखने के लिए हम सब राम भक्तों को आगे बढ़ना होगा, जीवन का हिस्सा बनाना होगा. यह यात्रा का विराम नहीं, नई यात्रा की शुरूआत है. जब अभी 25 नवंबर को मोदी जी फिर अयोध्या आए और राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वजा को लगाया.'

500 साल बाद रामलला विराजमान हुए सनातन से ऊपर कोई नहींउन्होंने कहा, 'पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहूलुहान करने का कार्य किया था जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होते थे, उस अयोध्या को लहूलुहान करने वाले लोग, उस अयोध्या में जिनके शासन में आतंकी हमले कर अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास हुआ था. लेकिन प्रभु कृपा और बजरंगबली स्वयं सुरक्षा कर रहे हो वहां 'भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे' तो कैसे कोई यहां पर आतंकी घुस जाता. पिछले 5 वर्ष में 45 करोड़ से अधिक भक्त अयोध्या धाम आए हैं. जहां पर पहले कुछ लाखों लोग आते थे.'

उन्होंने कहा, 'देश दुनिया का कोई ऐसा श्रद्धालु नहीं जो अयोध्या का दर्शन कर के फलीभूत नहीं होता हो. 2017 से पहले न बिजली , न पानी, न सुरक्षा और जब कोई जय श्री राम बोलता था तो लाठी चल जाता थी. अब तो भारत सरकार की सबसे बाड़ी योजना भी जी राम जी हो गया है.'

उन्होंने कहा, 'याद करिए 1528 से लेकर 1992 तक अयोध्या में हर 20 वर्षा लगातार राम भक्त संघर्ष करता रहा. उसने गोली लाठियों के परवाह नहीं की वो लड़ता रहा.'