मुंबई: हाथरस में दलित बेटी की नृशंश हत्या ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान राहुल गांधी से पुलिस ने धक्कामुक्की भी की. इस मामले पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि अगर एक दलित और पीड़ित लड़की को बेरहमी से जलाया जाता है और उसके परिवार के आक्रोश को दबाया जाता है तो इस सरकार को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुए बर्ताव पर भी आपत्ति दर्ज कराई है.

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का इस्तीफा अगर मायावती जी मांगेंगी तो उसमें कोई दम नहीं है. जब तक एनडीए के सहयोगी रामदास अठावले, योगी से इस्तीफा नहीं मांगते वो त्यागपत्र नहीं देंगे. महाराष्ट्र के दलित नेता और सत्ताधारी एनडीए के सहयोगी रामदास अठावले पर राउत ने निशाना साधा. उन्होंने कंगना रनौत प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा, ' किसी पेज थ्री वाली अभिनेत्री के अवैध निर्माण की कार्रवाई पर बोलने वाले अब कहां गए? जब किसी गरीब की बेटी जलती है तो मुंह बंद क्यों हैं ये कैसे समाज में हम रह रहे हैं.'

बता दें कि हाथरस पीड़िता के साथ हुई दरिंदगी के बाद 14 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद वो हार गई. उसकी मौत के बाद प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में है. पुलिस ने जिस तरह रात में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया वह भी परिवार वालों की अनुमति और उपस्थिति के बिना. इससे लोगों में काफी रोष है. सभी विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है. बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट तक के सेलेब्स ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की है. वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पीडि़ता के गांव जाने से पुलिस ने रोक दिया.

गुरूवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे थे. इस दौरान ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने राहुल गांधी के काफिले को रोक दिया. इसके बाद राहुल और प्रियंका एक ही गाड़ी में सवार होकर आगे बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. राहुल गांधी ने पूछा कि अकेले जाना धारा 144 का उल्लंघन कैसे है? इस पर पुलिस ने कहा कि धारा 188 के तहत कार्रवाई हो रही है. इस दौरान जब राहुल गांधी एबीपी न्यूज से बात कर रहे थे तभी पुलिस की धक्कामुक्की से राहुल गांधी गिर भी गए. हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा कभी-कभी हो जाता है.