बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा सौंपा है. एक्स पर एक पोस्ट में पूनावाला ने मार्गदर्शन और समर्थन के लिए बीजेपी और वरिष्ठ नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वो अब आगे क्या करेंगे.

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शहजाद पूनावाला ने कहा कि वह बीजेपी और संघ परिवार द्वारा उन्हें दिए गए अवसरों और मंच के लिए हमेशा आभारी रहेंगे. पूनावाला ने कहा कि जैसा मैंने पहले ही कहा था कि अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश करूंगा, लेकिन जहां भी संभव होगा और चाहे जिस भी स्वरूप में संभव हो, मैं प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के कार्यों का समर्थन करता रहूंगा. पूनावाला ने कहा कि मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं.

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1987 में पुणे में पैदा हुए शहजाद पूनावाला राजनीति में आने से पहले वकील और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे. उनके भाई तहसीन पूनावाला सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं. पहले दोनों भाई साथ में कांग्रेस में थे. शहजाद पूनावाला ने अपनी राजनीति पारी की शुरुआत कांग्रेस से की. उन्होंने कांग्रेस की मीडिया सेल में काम किया और महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव भी रह चुके हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव पर उठाए थे सवालसाल 2017 में शहजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों पर सवाल उठाया और उनमें धांधली का आरोप लगाया. शहजाद ने कहा कि पूरा इकोसिस्टम राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए काम कर रहा है. इसके बाद पार्टी से तनाव के चलते कांग्रेस छोड़नी पड़ी. गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूनावाला की जमकर तारीफ की. इसके बाद वो पार्टी में शामिल हो गए और कुछ ही समय बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया. 

संवेदनशील मुद्दों पर रखा सरकार का पक्षकांग्रेस से बीजेपी में आने के बाद पूनावाला पार्टी का एक मजबूत चेहरा बन गए. भगवा पार्टी में मुस्लिम प्रवक्ता का होना आपने आप में बड़ी बात थी, जो कहीं न कहीं बीजेपी के लिए फायदेमंद ही साबित हुआ. इस दौरान शहजाद पूनावाला ने यूसीसी, तीन तलाक और सीएए बिल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर सरकार का पक्ष सामने रखा.

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