पाकिस्तान के भारत पर किए जाने वाले आतंकी हमलों को लेकर उन्हें बेनकाब करने के लिए भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेशी दौरे पर है. 7 डेलिगेशन में से एक का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल से सांसद शशि थरूर कर रहे हैं. ब्राजील पहुंचे शशि थरूर से जब कांग्रेस नेताओं की तरफ से की जा रही उनकी आलोचना को लेकर सवाल पूछा गया तो थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम अपने मिशन पर ध्यान केंद्रित करें.
कांग्रेस नेताओं को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया तो थरूर ने कहा कि निस्संदेह एक समृद्ध लोकतंत्र में टिप्पणियां और आलोनचाएं होना लाजिमी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अभी हम उन चीजों पर ध्यान नहीं दे सकते.
'भारत आने पर आलोचकों और साथी नेताओं से करेंगे बात'उन्होंने कहा कि जब हम वापस भारत आएंगे तो हमें जरूर अपने साथियों, आलोचकों और मीडियाकर्मियों से बात करने का मौका मिलेगा, लेकिन अभी हम उन देशों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां हम जा रहे हैं और वहां के लोगों तक अपना मैसेज पहुंचा रहे हैं. पाकिस्तान से तनाव को लेकर शशि थरूर विदेशों में मजबूती से भारत का पक्ष रख रहे हैं, जिस वजह से आलोचक भी उनके मुरीद हो गए हैं. हालांकि, कांग्रेस के कई नेताओं को ये रास नहीं आ रहा है.
सीजफायर को लेकर सवाल उठा रही कांग्रेसपहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन अब कांग्रेस के तेवर बदल गए हैं. सीजफायर को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रही है और अमेरिका की भूमिका को लेकर भी हमलवार है. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शशि थरूर का सरकार को समर्थन करना और बाद में उन्हें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुनना कांग्रेस के एक वर्ग को पसंद नहीं आया.
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