एस जयशंकर ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से फोन पर बात की. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी.

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अटका हुआ है भारत-अमेरिका ट्रेड डील टॉक

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दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई.

इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया. इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है.

ट्रेड टॉक को लेकर भी हुई बात: सर्जियो गोर

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मार्को रुबियो और एस जयशंकर के बीच सकारात्मक बातचीत हुई. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार वार्ता, महत्वपूर्ण खनिजों और अगले महीने ट्रेड डील को लेकर होने वाली बैठक पर चर्चा हुई.

इंडिया से जरूरी कोई पार्टनर नहीं: सार्जियो गोर

सार्जियो गोर ने एक दिन पहले 12 जनवरी को कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर दोनों पक्ष एक्टिव होकर बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है इसलिए इसे पूरा करना आसान तो नहीं, लेकिन हम इस पर पक्के इरादे से काम कर रहे हैं. भारत के साथ हमारे रिश्तों के लिए ट्रेड बहुत जरूरी है. हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, सुरक्षा, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे.' उन्होंने कहा कि अगले महीने भारत को पैक्ससिलिका में पूरे सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.

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