पटना: देश में विपक्षी पार्टियां लगातार नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही हैं. अब इस मामले पर एक बार फिर आरजेडी और जेडीयू के प्रवक्ताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अपडेट करने का काम 15 मई से 28 मई तक चलेगा. वहीं पूरे देश में एनपीआर 1 से 30 सितंबर तक अपडेट होगा.
जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया, '' अमित शाह ने कह दिया है कि एनपीआर के डेटा का इस्तेमाल एनआरसी के लिए नही होगा. वहीं नीतीश कुमार ने भी बिहार में एनआरसी लागू नहीं करने की बात कही है.'' वहीं आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय कुमार तिवारी ने कहा कि सुशील कुमार मोदी ने जो बातें कही हैं. वह बातें हमें माननी हैं. उन्होंने जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा कि जेडीयू ने अपना स्टैंड बदला है और पलटी मारी है.
जेडीयू के मंत्री श्याम रजक का कहना है कि नीतीश कुमार के रहते एनआरसी लागू नहीं होगी. 18 दिसंबर को ही राज्य सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए. जेडीयू ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी के हर विवादित मुद्दे का समर्थन किया है. चाहे ट्रिपल तलाक हो, धारा 370 हो, चाहे सीएए का मामला हो. हम लोग सीएए वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को मजबूर करेंगे. उन्होंने कहा कि ये एनआरसी लागू करने के पहले की एक प्रक्रिया है.
बीजेपी असली मुद्दे से जनता के ध्यान को हटाना चाहती है. सीएए के कारण गरीब तबके के वर्ग और अल्पसंख्यक लोग डरे हुए हैं. उनके मन मे भय है. उनके मन का भय दूर करना पड़ेगा. साथ ही जेडीयू को को स्पष्ट करना पड़ेगा की उनका स्टैंड क्या है? मनमोहन सिंह और यूपीए सरकार की नियत साफ थी. यूपीए सरकार में ऐसा विवाद कभी नहीं हुआ. देश मे गोली और बंदूक से लोग मर नहीं रहे थे. इतनी चीख नहीं सुनाई देती थी. आज सीएए के विरोध में देश के लोग सड़क पर आंदोलन के लिए उतर आए हैं. बीजेपी हिटलर शाही और तानाशाही नीति अपना रही है. बीजेपी और आरएसएस का एजेंडा कानून को जनता पर थोपना है. देश अपने नियम कानून से चलेगा. अगर आप नए कानून लाते हैं, तो सर्वसम्मति से लागू करें.
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