नई दिल्ली: यूपी में बीजेपी को बंपर बहुमत तो मिल गया है लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस सवाल का जवाब चुनाव नतीजों के पांच दिन बाद भी नहीं मिल पाया है. इन सबके बीच सीएम पद की रेस में एक नया नाम बीजेपी नेता रामलाल का आया है.

64 साल के रामलाल बीजेपी के संगठन महामंत्री और राष्ट्रीय महासचिव हैं. यूपी के सीएम पद की रेस में सबसे ताजा नाम इनका उछला है. ऐसा कहा जा रहा है कि रामलाल ही वो शख्स थे जिन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले बीजेपी के रूठे नेताओं को मनाया था. कभी आरएसएस के प्रचारक रहे रामलाल बीजेपी और आरएसएस के बीच की कड़ी माने जाते हैं. ऐसे में वो यूपी के सीएम के बड़े दावेदार साबित हो सकते हैं.

18 मार्च को हो सकता है फैसला बीजेपी में सीएम को लेकर माथापच्ची जारी है. इस बीच बड़ी खबर है कि 18 मार्च को शाम 5 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी जिसमें सीएम का फैसला हो सकता है.

केशव समर्थक भी कर रहे सीएम पद की मांग बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के समर्थक उन्हें सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए समर्थकों ने प्रदेश में जगह पोस्टर भी लगाए हैं.  समर्थक मौर्य की मांग कर रहे हैं लेकिन लगता है मौर्य का नाम सीएम की रेस से बाहर हो गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केशव मौर्य को सीएम चुनने की जिम्मेदारी दे दी है और मौर्य कह रहे हैं कि जब मुझे जिम्मेदारी मिली है तो भला मैं अब अपना नाम कैसे लूं.

आधा दर्जन और नेता भी रेस में केशव मौर्य के साथ ही आधा दर्जन नेता इस रेस में हैं. गोरखपुर के सांसद आदित्यनाथ भी प्रबल दावेदार हैं. आदित्यनाथ कह रहे हैं कि गोवा, मणिपुर का मामला निपट गया है अब यूपी का भी निपट जाएगा.

इन दोनों नेताओं के अलावा कानपुर के महाराजगंज से विधायक सतीश महाना भी एक दावेदार हैं. महाना सात बार के विधायक हैं और जब से उनका नाम रेस में आया है तब से उनके घर आने जाने वालों की भीड़ बढ़ गई है. हालांकि उनका कहना है कि वो सीएम की रेस में नहीं हैं.

हाल ये है कि एक कुर्सी के लिए बीजेपी में दर्जन भर दावेदार हो गये हैं. पार्टी तय नहीं कर पा रही कि किसे जिम्मेदारी दें. वैसे राजनाथ सिंह अभी भी प्रबल दावेदार हैं.