नई दिल्ली: अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण के नींव का कार्य तेजी से चल रहा है. राम मंदिर की नींव के लिए जमीन से 40 फीट नीचे से कंक्रीट की लेयर्स डालने का कार्य चल रहा है. ऐसी 45 लेयर्स डालने के बाद 12 फीट ऊंचे चबूतरे पर भव्य राममंदिर के गर्भगृह-मंडप का निर्माण शुरू होगा.

राम मंदिर की नींव के कार्य के लिए जन्मस्थल पर जमीन से 40 फीट नीचे तक बड़ी गहरी खुदाई की गई है. इस खुदाई के बाद जन्म स्थल से निकले तमाम मूर्तियों और मंदिर अवशेषों को संभाल कर रखा गया है. जमीन में 40 फीट की खुदाई राम मंदिर की नींव को मजबूत करने के लिए की गई है. इस विशाल स्थल पर अब कंक्रीट की लेयर्स बिछाने का काम चल रहा है.

12 इंच मोटी लेयर

अब तक 4 लेयर एक के ऊपर एक बिछाई जा चुकी हैं. इन लेयर्स की लंबाई 400 फीट और 300 फीट चौड़ाई है. एक लेयर जो करीब 12 इंच मोटी बिछाई जाती है, उसको बिछाकर रोलर से दबाया जाता है. जब ये लेयर 2 इंच दबकर 10  इंच रह जाती है तब दूसरी लेयर बिछाई जाती हैं.

ऐसी 40-45 लेयर बिछाई जाएगी, तब साढ़े 16 फीट ऊंचे चबूतरे का निर्माण शुरू होगा. जिस पर भव्य राम मंदिर के मुख्य गर्भ गृह और मंडप का निर्माण शुरू होगा. माना जा रहा है कि भव्य राम मंदिर के निर्माण में 36 महीने का वक्त लगेगा. ऐसे में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच भव्य राम मंदिर अयोध्या में बनकर तैयार हो जाएगा.

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