Rajasthan Assembly Election 2023: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सांसद रमेश बिधूड़ी को राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टोंक जिले की जिम्मेदारी दी है. इसको लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने बीजेपी की कड़ी आलोचना की है. बिधूड़ी ने हाल ही में संसद के विशेष सत्र के दौरान बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेता दानिश अली के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए 'नफरत' का प्रतीक है. टोंक में मुस्लिम आबादी 29.25 फीसदी है. बीजेपी कहती तो है सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास लेकिन ये सबसे बड़ी बकवास है.

वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, "बीजेपी के कारण बताओ नोटिस के लिए बहुत कुछ कहने को है! बदजुबानी करने वाले सांसद अब टोंक के प्रभारी हैं, जहां बेशक उनके पास अपनी विभाजनकारी बयानबाजी से वोटर्स का और भी अधिक ध्रुवीकरण करने के भरपूर मौके होंगे!"

महुआ मोइत्रा ने पीएम मोदी से किया सवालतृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, "बीजेपी एक ऐसे शख्स को नई जिम्मेदारी दे सकती है, जिसको कारण बताओ नोटिस भेजा गया हो? नरेंद्र मोदी जी क्या अल्पसंख्यकों के लिए यही आपकी स्नेह यात्रा है?"

नफरत फैलाने का इनाम- कपिल सिब्बलइसके अलावा राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट की. इसमें उन्होंने कहा, " बीजेपी ने संसद में दानिश अली पर अभद्र शब्दों से हमला करने के लिए बिधूड़ी को इनाम दिया है. बीजेपी 'नफरत' का पुरस्कार देती है. बिधूड़ी को संसद के विशेष सत्र में दानिश अली (बीएसपी) पर उनके द्वारा कहे गए अशोभनीय शब्दों के लिए हमला करने का इनाम मिला और उन्हे राजस्थान में टोंक जिले का बीजेपी प्रभारी बनाया गया.

संसद के सदस्य पर अभद्र टिप्पणीन्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सिब्बल ने कहा कि राजस्थान में एक गैर-जिम्मेदार शख्स को जिम्मेदारी दी गई है और यही बीजेपी की राजनीति है. यहां एक व्यक्ति है जिसने अभद्र शब्दों में लोकसभा में एक समुदाय और संसद के एक सदस्य के खिलाफ बयान दिया है. ऐसे शब्द जिनका प्रयोग सभ्य संवाद में नहीं किया जा सकता. 

'विपक्ष का नेता हो जाता निष्कासित'उन्होंने कहा, ''उन्हें (बिधूड़ी) तुरंत निलंबित कर दिया जाना चाहिए था... अगर विपक्ष का कोई सदस्य होता तो उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया जाता और शायद संसद से निष्कासित भी कर दिया जाता. लेकिन इसके बदले उन्हें पुरस्कृत किया गया है''

गुर्जर समुदाय के वोट बैंक पर नजरबीजेपी ने रणनीति के तहत बुधवार (27 सितंबर) को दूसरे राज्यों के 44 नेताओं को राज्य के अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी है. इसमें रमेश बिधूड़ी भी शामिल हैं. गौरतलब है कि राजस्थान के टोंक जिले में बड़ी संख्या में गुर्जर समुदाय के लोग रहते हैं. यहां चार विधानसभा सीटें हैं. इसमें से एक सीट कांग्रेस नेता सचिन पायलट के पास है. ऐसे बीजेपी को उम्मीद है कि बिधूड़ी गुर्जर वोट उनके पाले में खींच सकते हैं.

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