Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि मामले में सोमवार (3 अप्रैल) को जमानत मिल गई. सूरत (Surat) की अदालत में उनकी अपील पर अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया, "ये 'मित्रकाल' के विरुद्ध, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. इस संघर्ष में, सत्य मेरा अस्त्र है, और सत्य ही मेरा आसरा."
राहुल गांधी को सूरत कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं."
बहन के साथ पहुंचे थे सूरत कोर्ट
इससे पहले राहुल गांधी सोमवार दोपहर में बहन प्रियंका गांधी के साथ फ्लाइट से सूरत पहुंचे थे और निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने को लेकर सत्र अदालत के लिए रवाना हुए. तीन कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता भी कोर्ट पहुंचे थे.
निचली अदालत ने सुनाई थी दो साल की सजा
राहुल गांधी को पिछले महीने यहां की निचली अदालत ने दोषी ठहराया था और दो साल के लिए जेल की सजा सुनाई थी. दो भगोड़े कारोबारियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरनेम के बारे में अपनी टिप्पणी में राहुल गांधी ने कहा था कि सारे चोरों के सरनेम मोदी हैं. राहुल गांधी ने 13 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कर्नाटक के कोलार में एक रैली को संबोधित करते हुए ये टिप्पणी की थी.
संसद सदस्यता की गई रद्द
निचली अदालत ने फैसले के खिलाफ अपील के लिए उनकी सजा एक महीने के लिए निलंबित कर दी थी. सूरत की अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था.
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