उन्नाव रेप केस मामले में ट्रायल कोर्ट से पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में सुनाई गई उम्र कैद की सजा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने सजा को निलंबित कर दिया है. इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भड़क गए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जताई है. खबर है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन्नाव की पीड़िता से आज शाम 7 बजे मिल सकते हैं.
मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता, उनकी मां और महिला अधिकार एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पीड़िता, उनकी मां और योगिता भायना को प्रदर्शन करने से रोकते हुए हटा दिया.
राहुल बोले- लोकतंत्र में आवाज उठाना अधिकार है
राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा, 'क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार, ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं, ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, न कि बेबसी, भय और अन्याय.'
पीड़िता की मां बोली- वो मेरी बेटी को बंदी बनाकर ले जा रहे हैं
वहीं जब कुलदीप सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ पीड़िता दिल्ली में धरने पर बैठी तो उसे वहां से हटा दिया गया. इसको लेकर पीड़िता की मां ने कहा, 'हमें इंसाफ नहीं मिला, वे मेरी बेटी को बंदी बनाकर ले जा रहे हैं. ये सुरक्षाकर्मी हम सबको मारना चाहते हैं. वे मेरी बेटियों को CRPF की गाड़ी में ले गए. कुलदीप सेंगर की बेल कैंसिल होनी चाहिए. नहीं तो हम अपनी जान दे देंगे. नहीं तो हमें मार दिया जाएगा, हम सुरक्षित नहीं हैं. हमें न्याय चाहिए. हमको सुप्रीम कोर्ट से न्याय चाहिए. जबतक हमें न्याय नहीं मिलेगा, हम नहीं जाएंगे.'
पीड़िता का आरोप- 2027 चुनाव से पहले दी जमानत
इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था, जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था, जिसमें पीड़िता जा रही थी.
इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि, उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए, दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.