केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) शिमला के तत्कालीन असिस्टेंट डायरेक्टर विशाल दीप और उनके भाई विकास दीप के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में केस दर्ज किया है. बता दें कि ये मामला CBI की एंटी करप्शन ब्रांच चंडीगढ़ में दर्ज किया गया है.

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केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक ये FIR अगस्त 2025 में दर्ज एक प्रारंभिक जांच के बाद की गई. सीबीआई की जांच के दौरान सामने आया है कि विशाल दीप ने मार्च 2024 से दिसंबर 2024 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई और आय से ज्यादा खर्च किया. इस दौरान उनके भाई विकास दीप, जो पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर मैनेजर हैं. उन्होंने विशाल दीप की कथित तौर पर मदद की.

क्या है पूरा मामलाइस पूरे मामले को लेकर सीबीआई का कहना है कि ये मामला पहले दर्ज 2 केस की जांच से जुड़ा हुआ है. इन मामलों में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे. जांच में ये भी सामने आया है कि दोनों भाइयों ने अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर अवैध पैसे को इधर-उधर ट्रांसफर किया. 

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जांच के दौरान मिली आय से अधिक संपत्तिसीबीआई की जांच में विशाल दीप और विकास दीप की कुल आय करीब 40.28 लाख रुपये रही, जबकि इसी दौरान उनका खर्च लगभग 98.29 लाख रुपये यानि इनकम से कई गुना ज्यादा पाया गया है. सीबीआई की जांच के अंत में करीब 93.24 लाख रुपये की आय से ज्यादा संपत्ति सामने आई, जो उनकी वैध आय से लगभग 231 फीसदी ज्यादा बताई गई है.

जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि इस केस के दौरान विशाल दीप से करीब 56.41 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. इसके अलावा गुरुग्राम से भी करीब 14.73 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई है, जिसकी जांच अभी जारी है.

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