कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने बुधवार (12 अगस्त) को कहा कि हम लोग अमित शाह के भाषण को लेकर दिलचस्पी नहीं रखते हैं. राहुल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया, यह जानना चाहते हैं.

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राहुल ने तंज कसते हुए कहा, 'हमें अमित शाह का लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है. जब मैं 'हम' कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है. छात्रों पर गोली किसने चलाई? छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं. भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है, वे सदन में नहीं आ सकते.'

उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, '20 दिन के लिए गायब हो गए. उनके घर के आगे हजार पुलिस वाले खड़े हुए हैं, ताकि कोई बच्चा उनके घर न आ जाएं. गुब्बारे से हवा निकल गई है. अब गुब्बारा फट गया है.' 

रांची में छात्रों के प्रदर्शन पर क्या बोले राहुल गांधी

झारखंड के छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'मैं झारखंड के मामले पर चुप नहीं हूं. मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा था, हम अपने छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को सही नहीं मानते. मैं चुप नहीं हूं, बल्कि खुलकर यह बात कह रहा हूं.'

अमित शाह का आरोप, सदन नहीं चलने दे रहा विपक्ष

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया है. हालांकि अब सत्र के आखिरी हफ्ते में अमित शाह सदन में बोल सकते हैं. उन्होंने बुधवार को कहा कि विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा है, तो सदन जाकर क्या फायदा. अमित शाह ने कहा, 'सरकार सभी प्रकार की चर्चा करने को तैयार है. पहले तो यही मांग रहे थे. मेरी तरफ से भी कह दिया कि हर सवाल का जवाब देने को तैयार हूं.'

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