वैको की किताब वाइको इन पार्लियामेंट के विमोचन कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला. अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश की मौजूदा स्थिति, छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और भारत की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की. राहुल गांधी ने कहा कि देश इस समय एक अजीब दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि देश के छात्र सड़कों पर हैं और बहुत परेशान हैं. छात्र परीक्षाओं में निष्पक्षता चाहते हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो सही तरीके से काम करे. 

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राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने की बात कर रहे हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों को माफ करने का अधिकार किसने दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री को यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का अधिकार है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, खासकर RSS की सोच के पीछे एक बहुत खतरनाक और विभाजनकारी विचार काम कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि RSS की विचारधारा भारत की विविधता को स्वीकार नहीं करती.

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भारत के बारे में राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है और हर राज्य को अपनी बात कहने का अधिकार है. हर राज्य को अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपनी भाषा को बचाने और आगे बढ़ाने का अधिकार है. राहुल गांधी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो तमिल भाषा और तमिल समाज को नहीं समझते, मराठी लोगों को नहीं समझते, बंगाल के लोगों को नहीं समझते और केरल के लोगों को भी नहीं समझते. इसके बावजूद वे यह कहने की कोशिश करते हैं कि इन राज्यों का इतिहास, भाषा और सोच महत्वपूर्ण नहीं है.

राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल उसी इतिहास, भाषा और विचार को महत्व देना चाहते हैं जिसे आरएसएस सही मानता है. उन्होंने कहा कि असली लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है. उनके अनुसार, छात्र भी इसी वजह से सड़कों पर उतर रहे हैं क्योंकि भारत कभी भी अपनी किसी भाषा, संस्कृति या इतिहास को दबाए जाने को स्वीकार नहीं करेगा. अपने भाषण में राहुल गांधी ने वैको की भी जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि वह किसी भी नेता का मूल्यांकन उसकी विचारधारा में निरंतरता के आधार पर करते हैं. उन्होंने कहा कि वैको हमेशा अपनी विचारधारा पर कायम रहे हैं और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है.

वैको के बारे में राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने कहा कि 82 वर्ष की उम्र में भी वैको लगातार सवाल पूछते हैं और उनके अनुसार जो व्यक्ति सवाल पूछता है, वही वास्तव में युवा होता है. उन्होंने कहा कि वैको का सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक संघर्ष नई पीढ़ी के लिए एक उदाहरण है. राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा और छात्र बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए.

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