नई दिल्ली: दिल्ली की आप सरकार तेजाब हमलों के उन मामलों पर विचार करेगी, जो सरकार की 2015 में पीड़ितों को मुआवजा देने की योजना की शुरूआत होने से पहले घटित हुए हैं.  इस बाबत सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को कल इस संबंध में सूचित भी किया है.

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के वकील ने न्यायमूर्ति विभू बाखरू के समक्ष कहा, "सरकार नई दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना 2015 के तहत उन पुराने मामलों पर विचार करने की इच्छुक है, जहां पूर्व योजना के तहत मुआवजा दिया गया है."

नई योजना के तहत तेजाब हमले के पीड़ितों के लिए अंतरिम राहत को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है और सर्जरी समेत पूरा इलाज निशुल्क है.

गौरतलब है कि तेजाब हमले के बाद जीवित बची पीड़ितों की कई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने अदालत में यह बात कही है. दरअसल इन पीड़ितों ने पूर्व की योजना के तहत तीन लाख रुपये की सीमा को चुनौती देते हुए मुआवजा राशि को बढ़ाने की मांग की थी.