दिल्ली में लाल किला विस्फोट के बाद से देशभर में एजेंसियां उपद्रवियों और आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देने वालों के ठिकाने पर छापेमारी कर, धरपकड़ कर रही है. इसी के तहत गुरुवार को घाटी के बारामूला, पुलवामा और शोपियां जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की गई. यह जानकारी पुलिस ने दी है. 

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पुलिस प्रवक्ता ने बताया, "छापेमारी का उद्देश्य विध्वंसकारी और कानून का उल्लंघन करने वाले तत्वों को निष्क्रिय करना और समग्र रूप से सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिकों के भरोसे को मजबूत करना था."

उन्होंने बताया कि छापेमारी के बाद विध्वंसक गतिविधि में शामिल गिरोह से जुड़े छह लोगों को पुलिस थानों में लाया गया और उन्हें कानून के तहत पाबंद किया गया. पुलिस ने आतंकियों के मददगार (ओवरग्राउंड वर्कर्स) से जुड़ी 22 संपत्तियों की तलाशी ली, जबकि 20 ऐसे लोगों को पाबंद किया गया और दो को जेल भेज दिया गया. गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार और वर्तमान में जमानत पर रिहा दो व्यक्तियों से पूछताछ की गई और एक को एहतियाती कानून के तहत पाबंद किया गया.

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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यूएपीए के तहत जमानत पर रिहा आठ अभियुक्तों की जमानत रद्द करने के लिए पहचान की गई और दो को अदालत में पेश किया गया. घाटी में 16 घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाए गए, जबकि 292 वाहनों की जांच की गई.

उन्होंने बताया कि ‘एग्रेस एंड इंटरनल मूवमेंट (कंट्रोल) ऑर्डिनेंस', (ईएंडआईएमसीओ) से जुड़े पांच व्यक्तियों और जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से जुड़े दो लोगों की तलाशी ली गई, जबकि यूएपीए के दो फरार आरोपियों का पता लगाया गया. प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में कई स्थानों पर सीएएसओ अभियान चलाए गए.