अमेरिका और भारत के संबंधों में हाल के महीनों में टैरिफ की वजह से तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली है. इस समस्या को दूर करने लिए दोनों देश लगातार व्यापार संबंधित मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई नतीजा सामने नहीं निकला है. हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (9 सितंबर 2025) को सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा, ''वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अगले हफ्ते बिजनेस के सिलसिले में बात करेंगे.'' इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, ''भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं. मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार से संबंधित बातचीत भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का रास्ता खोलेगी. हमारी टीम इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूं. हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे.''
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड कहा, ''उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई मुश्किल नहीं होगी. वह जल्द ही अपने अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से बात करेंगे.'' इसे भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ''उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में जो बाधाएं हैं, उन्हें दूर करने के लिए बातचीत जारी है.''
भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशतट्रंप ने कहा कि मैं आने वाले हफ्तों में अपने सबसे अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हूं. मुझे भरोसा है कि हमारे दोनों देशों के बीच बातचीत ठीक से पूरी हो जाएगी और इसमें कोई मुश्किल नहीं आएगी. ट्रंप की यह टिप्पणी द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण सुधार का संकेत देती है. अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने और भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर दोनों देशों के बीच संबंध दो दशकों में संभवत: सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ और रूसी तेल की खरीद के लिए एक्सट्रा 25 फीसदी टैरिफ लगाया है. इससे भारत पर कुल टैरिफ 50 टैरिफ हो गया है, जो दुनिया में सबसे अधिक है.
भारत ने टैरिफ को लेकर दिया बयानभारत ने अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ शुल्कों को अनुचित और विवेकहीन बताया है. रूसी से तेल खरीदने के फैसले का बचाव करते हुए भारत सरकार ने कहा कि उनका रूस से तेल खरीदना राष्ट्रीय हित और बाजार की परिस्थितियों को देखकर उठाया गया कदम है. कई महीनों तक भारत की आलोचना करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि दोनों देशों के बीच विशेष संबंध हैं और चिंता की कोई बात नहीं है. ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी शानदार प्रधानमंत्री हैं, लेकिन मुझे इस समय उनके तरफ से किए जा रहे काम पसंद नहीं आ रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंध है, चिंता की कोई बात नहीं है. बस कभी-कभी कुछ ऐसे पल आ जाते हैं.