नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से 82 मिनट का भाषण दिया जो 15 अगस्त को दिया गया उनका दूसरा सबसे छोटा संबोधन रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल यानी वर्ष 2017 में स्वतंत्रता दिवस पर अपना सबसे छोटा भाषण दिया था. तब उनका भाषण 56 मिनट का था. मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से पहली बार देश की जनता को संबोधित किया था. उस समय उन्होंने 65 मिनट का भाषण दिया था. इसके बाद साल 2015 में उनका संबोधन 86 मिनट तक चला था और 2016 में उनका भाषण डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चला था. 2016 में उन्होंने 96 मिनट का भाषण दिया था.
लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने इस बार देश की अर्थव्यवस्था में सुधार, मुद्रा योजना, WHO, कृषि क्षेत्र, नार्थ ईस्ट, देश की सेना और स्वच्छ भारत मिशन के सकारात्मक प्रभाव, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, माओवाद, किसानों, तीन तलाक विरोधी विधेयक और कई अन्य मुद्दों के बारे में बात की. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि, ''हर भारतीय के पास अपना घर हो- हाउसिंग फॉर ऑल, हर भारतीय के घर में बिजली कनेक्शन हो- पॉवर फॉर ऑल, हर भारतीय की रसोई धुआं मुक्त हो- क्लीन कुकिंग फॉर ऑल, हर भारतीय के घर में जरूरत के मुताबिक जल पहुंचे- वॉटर फॉर ऑल. हर भारतीय इंटरनेट की दुनिया से जुड़ सके- कनेक्टिविटी फॉर ऑल. हर भारतीय के घर में शौचालय हो- सैनिटेशन फॉर ऑल, हर भारतीय अपने मनचाहे क्षेत्र में कुशलता हासिल कर सके- स्किल फॉर ऑल, हर भारतीय को अच्छी औऱ सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो- हेल्थ फॉर ऑल, हर भारतीय को बीमा का सुरक्षा कवच मिले. इंश्योरेंस फॉर ऑल.'' उन्होंने आगे कहा कि संसद में तीन तलाक कानून पास नहीं होने दिया जा रहा है. मैं मुस्लिम महिलाओं को यकीन दिलाना चाहता हूं कि मैं उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम करूंगा.''