PM Modi On Sri Lanka Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चेन्नई (Chennai)में 31,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इन परियोजनाओं में रेलवे, पेट्रोलियम, आवास और सड़कों जैसे प्रमुख बुनियादी क्षेत्र शामिल हैं. इन कार्यों से वाणिज्य और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान सीएम एमके स्टालिन (MK Stalin) भी मौजूद रहे. इन परियोजनाओं में बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे (Bangalore Chennai Expressway) भी शामिल है. 

इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने श्रीलंका संकट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज श्रीलंका मुश्किल दौर से गुजर रहा है. मुझे यकीन है कि आप सभी इसके बारे में चिंतित हैं. श्रीलंका के एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत देश को वित्तीय सहायता, ईंधन, भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सहायता प्रदान कर रहा है.

अपने संबोधन में क्या बोले पीएम मोदी?पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि ये जगह स्पेशल है और यहां के लोग, यहां की संस्कृति और यहां की भाषा अद्भुत है. अभी हाल ही में मैंने अपने आवास पर भारतीय मूक बधिर ओलंपिक (Deaflympics) में हिस्सा लेने वाले दल की मेजबानी की. आपको पता ही होगा कि इस बार टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. लेकिन हमने जो 16 पदक जीते हैं, उनमें से 6 पदकों में तमिलनाडु के युवाओं की भूमिका रही है. 

आर्थिक संकट से गुजर रहा श्रीलंकागौरतलब है कि श्रीलंका आजादी के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है. श्रीलंका ने अप्रैल के मध्य में अपने दिवालिया होने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह इस साल अंतरराष्ट्रीय ऋण का भुगतान नहीं पाएगा. देश ने आर्थिक मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बात शुरू की है. गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश श्रीलंका में जरूरी दवाइयों की भी कमी हो गई थी जिसको देखते हुए भारत ने श्रीलंका को आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी थी. इसके अलावा 40,000 टन पेट्रोल भी भेजा था. वहीं भारत की तरफ से श्रीलंका खाद्द सामग्री भी भेजी गई है.

1948 में आए आर्थिक संकट से भी बड़ा संकटदुनिया में कोरोना महामारी संकट (Corona Pandemic) के समय से ही श्रीलंका की अर्थव्यवस्था (Economy of Sri Lanka) में लगातार गिरावट आनी शुरू हो गई थी. श्रीलंका अपनी अर्थव्यवस्था की गिरावट को रोक नहीं सका और अपने देश के दो करोड़ लोगों को भोजन, दवाइयों सहित आवश्यक चीजें भी नहीं मुहैय्या करवा पाया. मौजूदा समय श्रीलंका में चल रहा ये आर्थिक संकट साल 1948 में आए आर्थिक संकट से भी बड़ा है. श्रीलंका में आर्थिक व्यवस्था बिगड़ने के बाद डॉलर के मुकाबले श्रीलंकाई रुपये में तेजी से गिरावट आई जिसकी वजह से उस पर विदेशी कर्ज बढ़ने लगा. 

श्रीलंका में महंगाई चरम परश्रीलंका (Sri Lanka) में महंगाई में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. अप्रैल महीने में महंगाई एक साल पहले की तुलना में बढ़कर 33.8 फीसदी पर पहुंच गई. श्रीलंका के जनगणना एवं सांख्यिकी विभाग ने कहा कि अप्रैल, 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 33.8 फीसदी पर रही जो एक साल पहले के 5.5 फीसदी की तुलना में छह गुना से भी अधिक है. 

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