PM Modi UNSC: समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए PM मोदी ने बताए पांच सिद्धांत, कहा- हमारे समुद्री रास्ते 'इंटरनेशनल ट्रेड लाइफ लाइन'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार की शाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिद की समुद्री सुरक्षा पर एक खुली परिचर्चा की डिजिटल माध्यम से अध्यक्षता की और इसकी चुनौतियां पर दुनिया के सामने अपना विचार रखा.

एबीपी न्यूज़Last Updated: 09 Aug 2021 07:21 PM

बैकग्राउंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की समुद्री सुरक्षा पर एक खुली परिचर्चा की डिजिटल माध्यम से अध्यक्षता की. इस परिचर्चा का विषय ‘‘समुद्री सुरक्षा को...More

भारत इस साल अगस्त से कर रहा यूएनएससी की अध्यक्षता

भारत इस साल अगस्त महीने के लिए यूएनएससी की अध्यक्षता कर रहा है. एक अगस्त से भारत ने यह जिम्मेदारी संभाल भी ली है. यूएनएससी में केवल पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस है. वर्तमान में भारत दो साल के लिए सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है.

समुद्री सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी ने बताए ये पांच सिद्धांत

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएनएससी में समुद्री सुरक्षा पर खुली परिचर्चा के दौरान अपनी बातें रखते हुए कहा- मैं आप के समक्ष पांच मूल सिद्धांत रखना चाहूंगा. पहला सिद्धांत: हमें legitimate maritime trade से barriers हटाने चाहिए. हम सभी की समृद्धि maritime trade के सक्रिय flow पर निर्भर है. इसमें आई अड़चनें पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती हो सकती हैं.


दूसरा सिद्धांत: maritime disputes का समाधान शांतिपूर्ण और अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर ही होना चाहिए. आपसी trust और confidence के लिए यह अति आवश्यक है. इसी माध्यम से हम वैश्विक शान्ति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं. तीसरा सिद्धांत: हमें प्राकृतिक आपदाओं और non-state actors द्वारा पैदा किए गए maritime threats का मिल कर सामना करना चाहिए. इस विषय पर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए भारत ने कई कदम लिए हैं. Cyclone, सुनामी और प्रदूषण संबंधित समुद्री आपदाओं में हम फर्स्ट रेसपोंडर रहे हैं.


चौथा सिद्धांत: हमें maritime environment और maritime resources को संजो कर रखना होगा. जैसा कि हम जानते हैं, Oceans का climate पर सीधा impact होता है और इसलिए, हमें अपने maritime environment को plastics और oil spills जैसे प्रदूषण से मुक्त रखना होगा. पांचवा सिद्धांत: हमें responsible maritime connectivity को प्रोत्साहन देना चाहिए. यह तो स्पष्ट है कि समुद्री व्यापार को बढ़ाने के लिए infrastructure का निर्माण आवश्यक है। लेकिन, ऐसे infrastructure projects के development में देशों की फिस्कल sustainability और absorption capacity को ध्यान में रखना होगा.