Parliament Budget Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र के आखिरी दिन यानी शनिवार (10 फरवरी) को सदन को संबोथित कर सकते हैं. माना जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में पेश किए गए अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर श्वेत पत्र पर पीएम मोदी बोल सकते हैं. 


श्वेत पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार (2004-2014) ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट के अतिरिक्त उधारी और बैंकों के एनपीए के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया था. एनडीए की सरकार ने यूपीए सरकार की विरासत में मिली चुनौतियों पर पिछले 10 वर्षों में सफलतापूर्वक काबू पाया है. 


बजट सत्र अहम क्यों है?
ये बजट सत्र काफी अहम है क्योंकि अप्रैल मई में लोकसभा चुनाव होने की संभावना है. आम चुनाव होने के कारण केंद्र सरकार ने एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था. बजट को सरकार ने विकसित भारत का बजट करार दिया था. वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने निशाना साधते हुए कहा कि लोगों के लिए कुछ नहीं किया गया. 


बजट सत्र क्यों चर्चा में रहा?
बजट सत्र कई मामलों को लेकर चर्चा में भी रहा. एक तरफ पीएम  मोदी ने सदन में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार कुछ नहीं बोल रही. ध्यान भटका रही है. 


राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा था कि एक ही प्रोडक्ट को बार-बार लॉन्च किया जा रहा है. कांग्रेस एक ही परिवार में उलझ गई है. परिवारवाद के कारण लोगों के लिए कुछ नहीं किया. यूपीए सरकार के दौरान भ्रष्टाचार हुआ.  


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