एयर इंडिया ने फुकेत से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट A12379 के पायलट इन कमांड को नौकरी से बेदखल कर दिया है. कंपनी ने ड्रग टेस्ट में फेल होने के बाद पायलट के खिलाफ एक्शन लिया है. इस फ्लाइट में ओडिशा के ऊपर 300 फीट की ऊंचाई अचानक कम हो गई थी. इससे कई यात्री घायल हो गए थे. 

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कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और रेगुलेटरी जरूरतों को लेकर उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है. एयरलाइन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, फुकेत -दिल्ली फ्लाइट के पायलट इन कमांड का साइकोएक्टिव पदार्थ का टेस्ट पॉजिटिव आया. सुरक्षा, फिटनेस या रेगुलेटरी जरूरतों के उल्लंघन को लेकर एयर इंडिया की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत पायलट की नौकरी तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई है. 

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट में जानकारी देते हुए कहा है कि 145 लोगों को ले जा रहे, एयर इंडिया की एयरबस A320 के सभी तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम 36000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते समय लगभग एक साथ करना बंद कर गए. इसके कारण ऑटोपायल डिस्कनेक्ट हो गया. इससे कुछ समय के लिए स्टॉल वॉर्निंग (हवाई जहाज के हवा में रुकने या गिरने की चेतावनी) मिली. 

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रिपोर्ट में आगे कहा गया कि जल्द ही विमान की ऊंचाई कम हो गई. इससे 24 यात्री घायल हो गए. शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि पायल का साइकोएक्टिव पदार्थ का टेस्ट पॉजिटिव आया था. हालांकि में रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि पायलट इन कमांड द्वारा नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की वजह से हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हुआ या विमान की ऊंचाई कम हुई. 

क्या हुआ था?

4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 फुकेत से दिल्ली आ रही थी. एयरबस A320neo में 137 यात्री सवार थे जिनमें तीन बच्चे शामिल थे. विमान में छह केबिन क्रू और दो पायलट भी थे.

फ्लाइट करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर थी तभी विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ ही सेकंड में एक के बाद एक फेल हो गए. इसके बाद ऑटोपायलट बंद हो गया और करीब दो सेकंड तक स्टॉल वॉर्निंग सुनाई दी.

विमान पहले करीब 372 फीट ऊपर गया और फिर करीब 292 फीट नीचे आ गया. उस समय सीट बेल्ट का साइन बंद था. अचानक हुए इस बदलाव के कारण 24 लोगों को चोटें आईं. इनमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू शामिल थे. 20 लोगों को शुरुआती इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार लोगों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पहले टर्बुलेंस बताया गया - अब हादसे की जांच

शुरुआत में इस घटना को खराब मौसम और टर्बुलेंस से जुड़ा बताया गया था लेकिन विमान में हुई चोटों और नुकसान को देखते हुए मामले की जांच हादसे के तौर पर की गई.

AAIB यानी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अब अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने और पायलट की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है.

पायलट का ड्रग टेस्ट कैसे आया पॉजिटिव?

दिल्ली में विमान उतरने के बाद दोनों पायलटों की मेडिकल जांच हुई. शराब की जांच के लिए किए गए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में दोनों पायलटों का नतीजा सामान्य था. लेकिन साइकोएक्टिव पदार्थ की जांच में पायलट-इन-कमांड का सैंपल नॉन-निगेटिव आया. वहीं को-पायलट का सैंपल निगेटिव था. इसके बाद दोनों के ब्लड सैंपल की कन्फर्मेटरी जांच कराई गई. इसमें भी पायलट-इन-कमांड का नतीजा नॉन-निगेटिव आया जबकि को-पायलट का टेस्ट निगेटिव रहा. पायलट-इन-कमांड की उम्र 34 साल है. AAIB ने रिपोर्ट में इस नतीजे को गंभीर चिंता का विषय बताया है और DGCA से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की है.

350 से ज्यादा पायलटों की जांच

इस मामले के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने पायलटों की ड्रग टेस्टिंग भी शुरू की है. 17 अगस्त तक करीब 350 पायलटों की जांच हो चुकी थी. इनमें दो पायलटों के शुरुआती टेस्ट नॉन-निगेटिव आए हैं. हालांकि इन मामलों में कन्फर्मेटरी टेस्ट होना अभी बाकी है.

फिलहाल नियमों के मुताबिक एयरलाइंस को अपने 10 फीसदी पायलटों की रैंडम ड्रग जांच करनी होती है. सरकार अब सभी पायलटों की सालाना रैंडम ड्रग टेस्टिंग पर भी विचार कर रही है.

क्या ड्रग टेस्ट और हादसे का कोई कनेक्शन है?

यहां एक बात साफ समझना जरूरी है. AAIB ने अभी तक यह नहीं कहा है कि पायलट के ड्रग टेस्ट के नतीजे की वजह से विमान में यह घटना हुई. विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम एक साथ क्यों फेल हुए, ऑटोपायलट क्यों बंद हुआ और विमान के अचानक ऊपर-नीचे होने की पूरी वजह क्या थी इन पहलुओं की जांच अभी जारी है. फिलहाल इतना साफ है कि AAIB की रिपोर्ट में पायलट-इन-कमांड का ड्रग टेस्ट नॉन-निगेटिव आने की बात सामने आई और रिपोर्ट के बाद एयर इंडिया ने उसकी नौकरी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी.