जम्मू कश्मीर के बडगाम के अशदार गली इलाके में सेना ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया है. शुक्रवार को खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और श्रीनगर सीआरपीएफ ने ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जिस इलाके में मुठभेड़ हो रही है, वह पीर पंजाल रेंज में आता है. दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले और जम्मू क्षेत्र के पुंछ जिले की सीमा से लगा हुआ है. इलाके में एक से दो आतंकी और छुपे होने की खबर भी है. 

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इस दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया. उसके पास से एके 47 राइफल और युद्ध से जुड़ी अन्य सामाग्री बरामद की गई है. फिलहाल ऑपरेशन जारी है. 

ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने बताया, 'जम्मू कश्मीर के बडगाम में सेना और अन्य सुरक्षा बलों के ज्वाइंट ऑपरेशन में एक आतंकवादी मारा गया है.'

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यह बड़ा एंटी-टेरर ऑपरेशन गुरुवार को बडगाम जिले के ऊंचे पहाड़ी और जंगली इलाकों में कई दिनों तक चले घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद शुरू किया गया था. मुठभेड़ गुरुवार देर शाम शुरू हुई, जब सुरक्षा कर्मियों की जॉइंट टीम, जिसमें भारतीय सेना के 10 पैरा कमांडो, जम्मू-कश्मीर पुलिस (SOG) और CRPF शामिल थे, ने ऊबड़-खाबड़, जंगली इलाके में घिरे भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को पकड़ने के लिए कड़ा घेरा बनाया.

डेटा को ट्रैक करने के बाद, आतंकवादियों को अशदार गली इलाके के पास छिपे हुए पाया गया और गुरुवार देर शाम (3 सितंबर) 10 पैरा के जवानों और आतंकवादियों के बीच शुरुआती गोलीबारी हुई.

पूरी रात घने जंगल वाले इलाके से आती रही गोलियों की आवाजपूरी रात घने जंगल वाले इलाके में रुक-रुक कर गोलियों की आवाज आती रही, जबकि अतिरिक्त बल को मौके पर भेजा गया ताकि भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद किया जा सके. आखिरकार, आज सुरक्षा बल एक आतंकवादी को मार गिराने में सफल रहे, जबकि अन्य आतंकवादियों के खिलाफ सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन जारी है. पहलगाम हमले के बाद 2025 में हुए ऑपरेशन्स के बाद इस इलाके में यह पहला बड़ा ऑपरेशन है.

खुफिया जानकारी पर आधारित यह 'घेराबंदी और तलाशी अभियान' (CASO) पाखेरपोरा (पुलवामा) और मशहूर टूरिस्ट हब यूसमर्ग (बडगाम) के ऊंचे इलाकों के बीच फैले घने और ऊंचे पहाड़ी जंगल में चलाया जा रहा है.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, घेराबंदी वाले इलाके में दो से तीन सक्रिय आतंकवादी फंसे हुए थे. बहुत मुश्किल रास्तों, खराब मौसम और जंगल के घने पेड़ों के बीच मोबाइल नेटवर्क या आम रेडियो सिग्नल ठीक से काम न करने की वजह से ऑपरेशन में थोड़ी देरी हुई.

इधर, जिला प्रशासन ने इमरजेंसी एडवाइजरी जारी की है. आम लोगों की सुरक्षा के लिए, अगले आदेश तक पर्यटकों को दूधपथरी और यूसमर्ग जैसी मशहूर जगहों पर जाने से सख्ती से मना किया गया है.