बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार (15 दिसंबर 2025) को एक नवनियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरतपरवीन का हिजाब खींचकर विवादों में घिर गए. इसकी चर्चा अब भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में भी होने लगी है. इस घटना के वीडियो में नजर आ रहा है कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उन्हें ऐसा करने से रोकते हुए दिख रहे हैं. आरजेडी और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दावा किया कि यह घटना जेडीयूअध्यक्षकी अस्थिर मानसिक स्थिति का उदाहरण है.

पाकिस्तानी अखबार ने नीतीश कुमार को लेकर क्या लिखा?

पाकिस्तानीअखबारडॉन ने लिखा कि जैसे ही नुसरतपरवीनमंचपरआईंनीतीशकुमारनेउन्हेंअपनाहिजाबहटानेकाइशाराकिया. इससेपहलेकिवहकुछकहपातींयासहमतिदेपातीं, उन्होंने (नीतीशकुमार) हाथबढ़ाकरखुदहीउनकानकाबखींचदिया. इसमेंकहागयाकिसोशलमीडियापरभारतऔरपाकिस्तानकेयूजर्सनीतीशकुमारकेइस्तीफेकीमांगकररहेहैं. पाकिस्तानकेकईलोगलिखरहेहैंकिऐसाकरकेभारतमेंमुस्लिमोंकेखिलाफऐसीघटनाओंकोसामान्यबनायाजारहाहै.

पाकिस्तान मानवाधिकार परिषद का रिएक्शन

पाकिस्तानमानवाधिकारपरिषदनेकड़ीनिंदाकरतेहुएभारतीयसरकारसेइसघटनाकीतत्काल, पारदर्शीऔरनिष्पक्षजांचकरानेकीमांगकी. नीतीशकुमारकाक्लिपशेयरकरतेहुएकहा, “यहघटनाकेवलएकमहिलाकाअपमाननहींहै, बल्किमानवीयगरिमा, धार्मिकस्वतंत्रता, महिलाओंकीव्यक्तिगतस्वायत्तताऔरमौलिकमानवाधिकारोंपरखुलाहमलाहै, जोकिसीभीसभ्य, लोकतांत्रिकऔरधर्मनिरपेक्षदेशमेंअस्वीकार्यहै.”

मानवाधिकारआयोग (HRCP) नेकहा, 'संयुक्तराष्ट्रमहासभाऔरअंतरराष्ट्रीयमानवाधिकारसंगठन ऐसी घटनाओं पर संज्ञानलेतेहैंऔरधार्मिकस्वतंत्रताकेउल्लंघनकेलिएभारतसेजवाबदेहीकीमांगकरतेहैं. हममांगकरतेहैंकिभारतीयअधिकारीपीड़ितमहिलासेव्यक्तिगतऔरआधिकारिकस्तरपरऔपचारिकरूपसेमाफीमांगेंऔरभविष्यमेंऐसीघटनाओंकोरोकनेकेलिएठोसकानूनीउपायसुनिश्चितकरें.'

क्या है पूरा मामला, जिसे लेकर हो रहा बवाल

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के डॉक्टर शामिल हैं. इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए.

जब नुसरत परवीन की बारी आई तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'यह क्या है?' इसके बाद मुख्यमंत्री ने उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया. घबराई हुई नवनियुक्त डॉक्टर को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया.