अहमदाबाद में पिछले साल हुए एआई-171 विमान हादसे के स्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल ‘108 आपात सेवा’ के 45 वर्षीय सुपरवाइज़र सतिंदर सिंह संधू को आज भी इस बात का अफसोस है कि वह ज्यादा लोगों की जान नहीं बचा सके. इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी.

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12 जून 2025 को लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. हादसे के समय संधू अहमदाबाद सिविल अस्पताल के गेट नंबर 8 पर ड्यूटी पर तैनात थे. दुर्घटनास्थल वहां से करीब 200 मीटर दूर था.

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धमाके के बाद पहुंची मदद संधू ने बताया कि दोपहर 1 बजकर 31 मिनट पर उन्होंने जोरदार धमाका सुना और धुएं का घना गुबार उठते देखा. पहले उन्हें लगा कि यह कोई विस्फोट है, लेकिन बाद में पता चला कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. उन्होंने तुरंत एम्बुलेंस भेजीं और खुद भी मौके पर पहुंच गए. संधू अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर दमकल विभाग की मदद भी मांगी. संधू ने बताया कि घटनास्थल पर हर तरफ आग, घायल लोग और शव पड़े थे. उनकी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाना थी. 

रातभर चला बचाव अभियानसंधू और उनकी टीम ने सबसे पहले गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया. इसी दौरान उन्होंने विश्वास कुमार रमेश को भी अस्पताल भेजा, जो बाद में विमान हादसे के एकमात्र जीवित बचे यात्री साबित हुए. 108 आपात सेवा की 35 एम्बुलेंसों की निगरानी करते हुए संधू ने पूरी रात बचाव कार्य किया. अगले दिन सुबह 4:30 बजे तक घायलों और मृतकों को अस्पताल पहुंचाने का काम जारी रहा. इसके बाद कई दिनों तक मलबे से शव और मानव अंग निकालकर अस्पताल पहुंचाए गए. संधू ने कहा कि यह बेहद भयावह और झकझोर देने वाला अनुभव था. आज भी इस बात का अफसोस है कि वे ज्यादा जिंदगियां नहीं बचा पाए. यह  भी पढ़ें : 'अगर उनके पास 20 सांसद तो...', TMC के बागी नेताओं को लेकर फायर हुईं महुआ, जानें क्या कहा