Nirbhaya Case: डेथ वारंट पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर बोले- न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा
Nirbhaya case: दिल्ली की अदालत ने कहा कि निर्भया मामले के चार दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा. कोर्ट ने कहा कि इस बीच चाहें तो बचे हुए कानूनी विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं.
ABP News BureauLast Updated: 07 Jan 2020 09:21 PM

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निर्भया की मां की याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. फांसी की सजा पर दोपहर तीन बजकर 30 मिनट पर फैसला आएगा. निर्भया...More
निर्भया की मां की याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. फांसी की सजा पर दोपहर तीन बजकर 30 मिनट पर फैसला आएगा. निर्भया की मां ने निचली अदालत में याचिका दाखिल कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है. दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर, 2012 की रात अपने दोस्त के साथ एक खाली प्राइवेट बस में चढ़ी 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने मिलकर चलती बस में गैंगरेप किया और लोहेकी रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया. बाद में दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया. पीड़िता का इलाज पहले सफदंरजग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया. जुल्म के 13वें दिन 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई. इस मामले के एक दोषी की मौत हो चुकी है और एक नाबालिग है. चार दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग करते हुए निर्भया की मां ने याचिका दाखिल की है.
दोषियों के पास दो विकल्प बचे हैं. अगले 14 दिन में दोषी चाहें तो सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल कर सकते हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव पेटिशन पर फैसला लेने में समय लगाता है या उस पर खुली अदालत में सुनवाई को तैयार होता है तो डेथ वारंट पर रोक लग सकती है. दोषियों के पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दाखिल करने का भी विकल्प है. अगर इस 14 दिन में दया याचिका पर राष्ट्रपति फैसला नहीं लेते, तब भी डेथ वारंट पर रोक लग सकती है. तो अभी यह पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता कि 22 जनवरी को सुबह 7 बजे चारों दोषियों की फांसी हो ही जाएगी.