बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज के नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर दिए विवादित बयान से बवाल मचा है. इसी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने 21 फरवरी, 2026 को नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज को दिया गया 'बंगा विभूषण' सम्मान वापस ले लिया है और उसे रद्द कर दिया गया है.
इस पूरे मामले को लेकर गुरुवार (13 अगस्त) को न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने कहा कि मैं इस नागेंद्र राय को देश का गद्दार मानता हूं. उनके पास क्या सबूत है? क्या उन्हें इतिहास की समझ है? वह एक अनपढ़ व्यक्ति हैं. उन्हें हमारे देश के इतिहास, विरासत और संस्कृति के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
चंद्र कुमार बोस ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें (नागेंद्र राय) को राज्यसभा के लिए कैसे नॉमिनेट किया गया? मैं भारतीय जनता पार्टी से सवाल करना चाहता हूं कि उन्होंने एक गद्दार को राज्यसभा क्यों भेजा. राज्यसभा स्पीकर को उन्हें तुरंत बाहर निकालना चाहिए. नेताजी के प्रपौत्र राय की गिरफ्तारी की भी मांग की.
नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने उठाए सवालचंद्र कुमार बोस ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करके जेल में डाल देना चाहिए. मुझे लगता है कि 'बंगा विभूषण' अवॉर्ड उतना महत्वपूर्ण नहीं है. इसलिए उस अवॉर्ड को वापस लेना या देना कोई मायने नहीं रखता. इस अवॉर्ड को लेकर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि बंगा विभूषण वापस लेना किसी हत्यारे को 24 घंटे की सजा देने जैसा है. उन्होंने हत्या की है. वह देश के गद्दार हैं.
कौन हैं नागेंद्र राय कूच बिहार के नेता नागेंद्र राय को अनंत महाराज के नाम से जाना जाता है. जुलाई 2023 में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के तौर पर पश्चिम बंगाल से उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया था. नागेंद्र राय ग्रेटर कूच बिहार पीपल्स एसोसिएशन के एक प्रमुख नेता हैं और उत्तरी बंगाल के राजबंशी समुदाय के एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले नेताजी को युद्ध अपराधी कहा था. इसके अलावा नागेंद्र राय ने भारत की आजादी की लड़ाई में आजाद हिंद फौज की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे.
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