नागपुर: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में भले डेढ़ साल हैं लेकिन अभी से ही कांग्रेस एनसीपी ने फडणवीस सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. कांग्रेस और एनसीपी ने राज्य में किसानों की कर्जमाफी को लेकर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया है. महाराष्ट्र में कर्जमाफी का एलान तो हुआ लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इसका फायदा किसानों को मिल नहीं रहा है. यही वजह है कि कांग्रेस बीजेपी पर झूठे वादे का आरोप लगा रही है. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने आज कहा कि जब तक महाराष्ट्र सरकार किसानों के बैंक खातों में ‘बहु प्रतीक्षित’ रिण माफी की राशि नहीं डालती तब तक वे अपने बकाया ऋण या बिजली बिल के का भुगतान ना करें. बता दें कि इसी साल नौ जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य के करीब 36 लाख किसानों का पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा. महाराष्ट्र में मराठों का मुद्दा इतना अहम क्यों है? महाराष्ट्र में करीब 32 फीसद आबादी मराठा समाज की है. 20 फीसद मराठा आर्थिक, शैक्षणिक, समाजाकि रूप से कमजोर हैं. साल 2014 में राणे कमेटी ने मराठा आरक्षण की सिफारिश की थी, लेकिन आरक्षण नहीं मिला. गुजरात में पाटीदार आरक्षण के मुद्दा चुनावी में छाया रहा यही वजह है कि कांग्रेस और एनसीपी अपने परंपरागत मराठा वोटर को अभी से साधने में जुट गई है. पिछले चुनाव में मराठा वोटर की नाराजगी कांग्रेस की हार की वजह मानी गई थी.