नई दिल्ली: कोरोना काल के बीच सोमवार से शुरू हुए संसद सत्र के पहले दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने आज संसद को देश में कोरोना के हालात और सरकार की तैयारी और कोशिशों की जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने संसद को बताया कि न सिर्फ दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले भारत में सबसे कम मामले सामने आए हैं, बल्कि कम मौतें भी हुई हैं. उन्होंने कहा कि देश के कुछ राज्यों में ही ज्यादातर केस और मौतें हुई हैं.


डॉ हर्षवर्धन ने संसद को बताया:-


- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक दुनिया भर के 215 देश कोरोना प्रभावित हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में 9.05 लाख से ज्यादा मौत हुई है, वहीं अब तक 2.79 करोड़ से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें 3.2% की मृत्यु दर है.


- 11 सितंबर तक, भारत में कुल 45,62,414 मामलों की पुष्टि की गई और 76,271 मौतें (केस फैटलिटी रेट 1.67%) दर्ज की गईं. वहीं इस संक्रमण से 35,42,663 (77.65%) ठीक हुए हैं.


- कोरोना के ज्यादातर केस महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्णाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, वेस्ट बंगाल, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, असम, केरल और गुजरात से हैं. ये ऐसे राज्य हैं, जहां 1 लाख से ज्यादा मामले आए हैं.


- भारत में प्रति दस लाख की आबादी में 3,328 मामले रिपोर्ट हुए और 55 लोगों की मौत हुई, जोकि दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले काफी कम है.


- हमारे देश में लगभग 92% माइल्ड केस थे, जबकि केवल 5.8% मामलों में ही ऑक्सीजन थेरेपी की आवश्यकता हुई. इसके अलावा केवल 1.7% मामलों में इंटेंसिव केयर की जरूरत पड़ी.


- महामारी को देखते हुए पहले जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन लगाने का केन्द्र सरकार ने फैसला किया. ये अनुमान लगाया गया है कि इस फैसले से लगभग 14-29 लाख मामले और 37-78 हजार मौतें कम हुईं, जो हो सकती थीं.


- लॉकडाउन के दौरान सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए कई व्यवस्था की, जिसमे क्लीनिकल मैनेजमेंट, हॉस्पिटल फैसिलिटी, पीपीई किट, वेंटिलेटर, और कुछ जरूरी दवाइयां जैसे इंतजाम किए.


-12 सितम्बर तक 15,284 कोविड ट्रीटमेंट सुविधा हैं, जिनमे 13,14,646 डेडिकेटेड आइसोलेशन बेड हैं.


-2,31,093 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 62,717 ICU बेड हैं. इसके अलावा 12,826 क्वॉरन्टीन सेंटर हैं, जिसमे 5,98,811 बेड की व्यवस्था है.


- भारत में कोविड वैक्सीन के विकास पर फोकस किया जा रहा है. 30 से ज्यादा वैक्सीन कैंडिडेट्स हैं, जो अलग-अलग स्टेज पर हैं, जिनमें से 3 एडवांस्ड स्टेज में हैं.


- 1.92 करोड़ PPE किट्स का केंद्र ने ऑर्डर दिया है, जिनमे से 1.39 करोड़ पीपीई किट्स, 3.43 करोड़ N95 मास्क 11 सितम्बर तक राज्यों को केंद्र सरकार की तरफ से दिए जा चुके हैं.


-स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 10.84 करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट राज्यों को दिए जा चुके हैं. जबकि भारत 140 देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट का निर्यात कर चुका है.


-केंद्र सरकार 60,948 वेंटिलेटर्स की खरीद का ऑर्डर दे चुकी है, जिसमें से 30,170 वेंटिलेटर राज्यों को दिए जा चुके हैं.


- 11 सितम्बर तक 32,109 वेंटिलेटर्स राज्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिसमे से 30,170 वेंटिलेटर्स दिए जा चुके हैं.


- कई दवाओं का कोरोना के लिए क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है. वहीं तीन वैक्सीन के ट्रायल भारत में चल रहे हैं, जिसमें से दो फेस 1 और 2 में हैं, जबकि एक वैक्सीन फेस 2 और 3 ट्रायल में हैं.


- कोरोना के लिए केंद्र सरकार ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर और एंपावर्ड ग्रुप भी बनाए, जो अलग चीजों और स्तिथि पर नजर रखे हुए है.


- स्वास्थ्य मंत्रालय के आलावा आयुष मंत्रालय भी इस दौरान कोरोना की लड़ाई में साथ था, ना सिर्फ आयुर्वेद और अन्य पद्धति के जरिए बचाव और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गाइडलाइन जारी की, बल्कि मेडिकल रिसर्च भी की जा रही है.


- समय-समय पर अलग-अलग गाइडलाइन, जैसे हॉस्पिटल, टेस्टिंग, ट्रैवलिंग, क्वॉरन्टीन पर दिशानिर्देश दिए गए.


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