राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भगवत गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े युवा नेतृत्व वाले सम्मेलनों में से एक में भाग लेंगे, जहां वे नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विश्व को एकजुट करने में भारत की भूमिका पर जेन जी और जेन अल्फा से बातचीत करेंगे.

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इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) द्वारा आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 'भारतीय दृष्टिकोण से विश्व को एकजुट करने में युवाओं की भूमिका' विषय पर केंद्रित होगा. इस वार्षिक सम्मेलन में 15 से 19 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों के स्कूलों और कॉलेजों के प्रतिनिधि भाग लेंगे.

पोस्टर लगाए गए

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इस कार्यक्रम से पहले बांद्रा इलाके में जेन-जी के समर्थन में कई पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टरों पर लिखा है, “Nation First – राष्ट्र प्रथम, जब मिले शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मकान… मोदीजी, कभी मिलेगा सम्मान?” इसके अलावा पोस्टरों में यह संदेश भी दिया गया है कि “देश से प्रेम करने के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है… जेन-जी लोकतंत्र के पक्ष में खड़ा है. जानकारी के मुताबिक, यह पोस्टरबाजी उद्धव ठाकरे की शिवसेना की ओर से की गई है. कार्यक्रम और इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

2,000 से ज्यादा छात्र होंगे शामिल

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के युवा लोकतंत्र, नेतृत्व, शासन और राष्ट्र निर्माण पर चर्चाओं में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. मोहन भगवत के 6 अगस्त को मुंबई में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 100 से अधिक शहरों के 2,000 से अधिक छात्रों के साथ बातचीत करने की उम्मीद है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े युवा नेतृत्व वाले सम्मेलनों में से एक बताया जा रहा है.

आरएसएस प्रमुख के साथ यह बातचीत नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) में आईआईएमयूएन के वार्षिक चैम्पियनशिप सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के दौरान होगी, जो इस वर्ष अपनी 15वीं वर्षगांठ मना रहा है. ससे पहले इस पहल के बारे में आईआईएमयूएम के संस्थापक ऋषभ शाह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा था कि संगठन ने लगातार युवाओं को भारत के मूल्यों को समझने में मदद करने और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है.

संगठन के बारे में बताते हुए ऋषभ शाह ने कहा था कि लगभग 30,000 छात्र आईआईएमयूएन से जुड़े हुए हैं और वर्षों से इस मंच के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.

ऋषभ शाह ने यह भी बताया कि यह तीसरा अवसर होगा, जब मोहन भगवत युवा पीढ़ी से बातचीत करने के लिए आईआईएमयूएन के किसी कार्यक्रम में भाग लेंगे.

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि आरएसएस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसे संगठनों के साथ-साथ अन्य प्रमुख संस्थानों का अध्ययन युवा पीढ़ी को करना चाहिए. इन संगठनों की विचारधाराएं अलग-अलग हैं, इसलिए नई पीढ़ी को इनके बारे में जानना चाहिए."

भागवत के अलावा, अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता बोमन ईरानी और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ सहित कई प्रमुख हस्तियों के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है.

इनपुट-आईएएनएस