Sharad Pawar On Manipur Violence: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने बुधवार (21 जून) को मणिपुर हिंसा को रोकने के लिए सत्ता और संसाधनों का उपयोग नहीं करने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मणिपुर में जातीय हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इसको लेकर एनसीपी के 24वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह में पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार ने कहा कि बीजेपी शासित मणिपुर एक बॉर्डर वाला राज्य है और पड़ोसी देश अंतरराष्ट्रीय सीमा का दुरुपयोग कर सकते हैं.

‘मौजूदा सत्ता के पास सोचने का समय नहीं’

इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में पिछले 45 दिनों से हिंसा जारी है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के पास मौजूदा स्थिति पर विचार करने तक का समय नहीं है और इसका क्या परिणाम हो सकता है? पूर्व राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राजकीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आंतरिक स्थिति से निपटने पर ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जहां चाहे वहां जा सकते हैं लेकिन पहले उन्हें आंतरिक स्थिति से निपटना चाहिए और इसके लिए सत्ता का इस्तेमाल (मणिपुर में स्थिति सुधार करने के लिए) नहीं किया जा रहा है.”

नए संसद भवन पर शरद पवार

इसके अलावा, उन्होंने नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को न बुलाने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पिछले महीने नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था क्योंकि मोदी नहीं चाहते थे कि भवन खोलने के लिए प्रोटोकॉल और संवैधानिक पदानुक्रम में उनसे ऊपर कोई हो. उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थानों और संवैधानिक पदों का सम्मान नहीं किया जा रहा है.

पटना में होने वाली विपक्ष की बैठक पर शरद पवार

वहीं, शुक्रवार (23 जून) को पटना में नीतीश कुमार के नेतृत्व में होने वाली विपक्षी की बैठक पर बोलते हुए एनसीपी चीफ ने कहा, “विपक्षी दल एक साथ बैठेंगे और एक नीति तैयार करेंगे कि कैसे मिलकर लोकतंत्र की रक्षा की जाए.”

किसानों की आत्महत्या पर शरद पवार

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या पर बोलते हुए पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने दावा किया कि राज्य में पिछले 5 महीनों में ही 391 किसानों ने आत्महत्या की है. वहीं, उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि राजनीतिक लाभ के लिए महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भी कराए गए हैं. ये दंगे उन इलाकों में कराए गए हैं जहां पर बीजेपी कमजोर है.

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