तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने ऊपर हुए कथित हमले को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. मंगलवार को उन्होंने कहा कि उनके काफिले पर हुए अटैक के दौरान उनकी कार पर एक पत्थर फेंका गया था, जिसके चलते उनके सीने में अभी भी दर्द हो रहा है. टीएमसी प्रमुख पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंची थी, इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह आरोप लगाए.

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ममता बनर्जी ने अपने काफिले पर हुए कथित हमले पर कहा,'जनता सब कुछ देख रही है. मैं दो दिन तक किसी से बात नहीं कर पाई. मेरे काफिले पर ईंटों से हमला किया गया. इससे मुझे सीने में दर्द हुआ. गिरफ्तारियां करना पुलिस का काम है. आज भी पुलिस हमारे टीएमसी भवन में आई और लोगों को प्रताड़ित किया. हम ऐसा नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं.'

क्या बोलीं ममता बनर्जी?

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बनर्जी ने आगे कहा कि वह शारीरिक अस्वस्थता के चलते शुरुआत में इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के डिजिटल विंग का समर्थन करने के लिए इसमें भाग लेने का फैसला किया. उन्होंने आगे कहा, 'हमारी गाड़ी पर जो पत्थर फेंका गया, वह बड़ी ईंट थी, उसकी वजह से मेरे सीने में दर्द हो रहा था. आज भी मैं आने को तैयार नहीं थी, लेकिन फिर भी हमने सोचा कि यह कार्यक्रम हमारी आईटी टीम का है, तो हम क्यों न जाएं? इसीलिए हम आए हैं.'

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9 अगस्त की है घटना

घटना रविवार (9 अगस्त) की है, जब बनर्जी उत्तर 24 परगना में एक दिवंगत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं. उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थीं, जब उनके काफिले को कथित तौर पर रोका गया और उस पर पत्थर फेंके गए. उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थीं, जब उनके काफिले को कथित तौर पर रोका गया और उस पर पत्थर फेंके गए.

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