Lucknow Romance On Road Case: उत्तर प्रदेश पुलिस लखनऊ में स्कूटी पर कथित अश्लीलता वाले मामले में कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है और लड़की की तलाश हो रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 279 और 294 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 


दरअसल, सोशल मीडिया पर एक युवक और युवती का कथित अश्लीलता वाला वीडियो वायरल हुआ था. कथित 'रोड पर रोमांस' की घटना लखनऊ के हजरतगंज इलाके की बताई गई है. वीडियो में एक कपल (युवक और युवती) स्कूटी से कहीं जाते हुए दिख रहे हैं. 


वीडियो में क्या है


वीडियो में युवक स्कूटी चलाता हुआ दिख रहा है तो युवती सामने से उसकी गोद में बैठी और लड़के को बाहों में कसकर पकड़े हुए दिख रही है. युवती के अंदाज को देखते हुए कहा जा रहा है कि वह बीच-बीच में युवक को किस कर रही है. वहीं, वीडियो से मालूम होता है कि यह घटना किसी व्यस्त सड़क पर हुई क्योंकि आसपास से कई वाहन गुजरते हुए दिख रहे हैं. 


कपल की इस तरह से वाहन की सवारी ने दूसरे लोगों का ध्यान खींचा. किसी ने वीडियो बना लिया और कथित तौर पर सोशल मीडिया पर नैतिकता का दुहाई देते हुए लखनऊ पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की. वीडियो को लेकर पुलिस हरकत में आई ओर युवक को खोजकर गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, स्कूटी भी जब कर ली गई है.


कितनी होगी सजा?


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आईपीसी की धारा 279 और 294 के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें से धारा 279 सार्वजनिक सड़क पर मानव जीवन को खतरे में डालते हुए लापरवाही या जल्दबाजी में वाहन चलाने से संबंधित है. इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर किसी एक अवधि के लिए जेल हो सकती है, जिसे 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है या 1,000 रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया जा सकता है या दोनों (कारावास और जुर्माना) से सजा दी जा सकती है. यह एक जमानती और संज्ञेय अपराध है, जिसकी सुनवाई किसी भी मजिस्ट्रेट की ओर से की जा सकती है. 


IPC की धारा 294 


आईपीसी की धारा 294 दूसरों को चिढ़ाने के मकसद से सार्वजनिक जगह पर अश्लील कार्य करने से संबंधित है. अगर कोई व्यक्ति दूसरों को चिढ़ाने के मकसद से सार्वजनिक जगह पर अश्लील कार्य करे, अश्लील गाना गाए, अश्लील कथागीत, शब्द गाए या बोले तो उसे आरोपी माना जाएगा.


दोष सिद्ध होने पर व्यक्ति को किसी एक अवधि के लिए जेल हो सकती है, जिसमें 3 महीने तक के लिए इजाफा किया जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है या कारावास और जुर्माना दोनों से सजा दी सकती है. यह एक जमानती और संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट की ओर से इसे सुना जा सकता है.


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