LIVE: नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास, पक्ष में 311 जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़े
Citizenship Amendment Bill: गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर कहा कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश विभाजन किया इसलिए नागरिकता कानून में संशोधन की जरूरत पड़ी है.
ABP News BureauLast Updated: 10 Dec 2019 12:09 AM

बैकग्राउंड
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को लेकर चल रहे तमाम विवादों के बीच गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में बिल को पेश करेंगे. लोकसभा में सरकार के पास...More
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को लेकर चल रहे तमाम विवादों के बीच गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में बिल को पेश करेंगे. लोकसभा में सरकार के पास बहुमत होने की वजह से बिल को आसानी से मंजूरी मिल जाएगी. लोकसभा में सोमवार को होने वाले कार्यों की सूची के मुताबिक गृह मंत्री दोपहर में विधेयक पेश करेंगे जिसमें छह दशक पुराने नागरिकता कानून में संशोधन की बात है और इसके बाद इस पर चर्चा होगी. इस बिल के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है. नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि वे बिल का विरोध करेंगे. लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ आवास पर कांग्रेस संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के संविधान और पार्टी के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है.बिल में क्या है प्रावधाननागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसम्बर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी नहीं माना जाएगा बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी. इसमें मुस्लिम वर्ग का जिक्र नहीं है.यह विधेयक 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का चुनावी वादा था. बीजेपी नीत एनडीए सरकार ने अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल में इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया था और वहां पारित करा लिया था. लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में प्रदर्शन की आशंका से उसने इसे राज्यसभा में पेश नहीं किया. पिछली लोकसभा के भंग होने के बाद विधेयक की मियाद भी खत्म हो गयी.
अमित शाह ने कहा कि किसी पंजाबी, बिहारी, मारवाड़ी, ओडिशा के लोग या किसी भी निवासी को घुसपैठिया नहीं करार दिया जाएगा. भारत के मूल निवासियों का यहां रहने का मूल अधिकार है, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है.