ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के रूप में अहम भूमिका निभाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) का नया मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया है. खास बात यह है कि इस पद पर पहली बार किसी सेवारत थ्री-स्टार अधिकारी की नियुक्ति हुई है, जिससे इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जनरल राजा सुब्रमणि की लेंगे जगहलेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, जनरल राजा सुब्रमणि की जगह लेंगे, जिन्होंने हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पदभार संभाला है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीजीएमओ के रूप में उनकी भूमिका काफी चर्चा में रही थी.
पहली बार सेवारत अधिकारी बने मिलिट्री एडवाइजरकुमाऊं रेजिमेंट से जुड़े लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले सेवारत थ्री-स्टार अधिकारी हैं. इससे पहले इस पद पर नियुक्त सभी अधिकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद ही मिलिट्री एडवाइजर बने थे.
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15 महीने से अधिक की सेवा अभी बाकीलेफ्टिनेंट जनरल घई के पास अभी सेना में 15 महीने से अधिक की सेवा शेष है. फिलहाल वह भारतीय सेना में डिप्टी चीफ के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में मिलिट्री एडवाइजर का पद वर्ष 2018 में बनाया गया था. इससे पहले जनरल खंडारे, जनरल अनिल चौहान, जनरल राजा सुब्रमणि और एयर मार्शल संदीप सिंह इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन सभी की नियुक्ति सेवानिवृत्ति के बाद हुई थी.
NSA अजीत डोभाल के अधीन काम करता है NSCSराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अधीन कार्य करता है और देश की सुरक्षा एवं रणनीतिक नीतियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
