जयपुर के मालवीय नगर स्थित नूरानी मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जयपुर में मुस्लिम समाज बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा. राजस्थान मुस्लिम फोरम और विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने लोगों से जुमे की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताने और नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है.

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प्रदर्शन के मद्देनजर जयपुर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर हैं. पुराने शहर समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी.

मुस्लिम समाज का आरोप है कि मालवीय नगर की नूरानी मस्जिद को गलत और मनमाने तरीके से ध्वस्त किया गया. राजस्थान मुस्लिम फोरम का कहना है कि मस्जिद के वैध होने से जुड़े सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं. फोरम के पदाधिकारियों का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान मस्जिद के एक हिस्से को बचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. उनका आरोप है कि विकास प्राधिकरण ने सिर्फ दो दिन का समय देकर कार्रवाई कर दी और उनकी बात सुनने का कोई मौका नहीं दिया गया.

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गौरतलब है कि सोमवार को सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत मालवीय नगर स्थित नूरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाया गया था. इसके बाद से ही इस कार्रवाई को लेकर मुस्लिम समाज में नाराजगी बनी हुई है और मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है.

आज के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जयपुर की जामा मस्जिद और मुस्लिम मुसाफिरखाने में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. प्रशासन को उम्मीद है कि जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच सकते हैं. कांग्रेस विधायक रफीक खान भी आज जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करेंगे. कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं ने भी प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है.

मुस्लिम संगठनों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि निष्पक्ष न्यायिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मस्जिद के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी या नहीं. साथ ही फोरम ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग से भी हस्तक्षेप करने की मांग की गई है.

फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जुमे की नमाज के बाद होने वाले विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं.