नई दिल्ली: खरमास उतरते ही अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को नया अध्यक्ष मिलने जा रहा है. 20 जनवरी को जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी होगी. इस समय जेपी नड्डा कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष.
साल 2019 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह को गृहमंत्री बनाया गया और जुलाई में नड्डा को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई. पिछले साल हुए आम चुनाव में नड्डा को राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में बीजेपी का चुनावी प्रभारी बनाया गया था जहां पर समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के महागठबंधन की वजह से पार्टी को कड़ी चुनौती मिल रही थी.
बीजेपी को लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में 62 पर जीत मिली. आम चुनाव में बीजेपी के लिए अहम राज्यों की जिम्मेदारी संभालने के अलावा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में नड्डा मंत्री थे. वह बीजेपी के सर्वोच्च निर्णय निकाय संसदीय बोर्ड के सदस्य हैं.
जेपी नड्डा का जन्म साल 1960 में पटना में ब्राह्मन परिवार में हुआ. उनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और रांची विश्वविद्यालय के कुलपति रहे. नड्डा की प्राथमिक शिक्षा पटना के सेंट जेवियर स्कूल में हुई और बीए उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से किया.
नड्डा के राजनीतिक सफर की शुरुआत आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी से हुई. उन्होंने 1975 के जय प्रकाश नारायण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई. इसके बाद नड्डा पैतृक राज्य हिमाचल प्रदेश आ गए और उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली. इसी दौरान 1983 में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्वकालीन कार्यकर्ता के रूप नड्डा ने हिमाचल में ABVP के संगठन मंत्री का कार्य किया.
1985-89 तक नड्डा दिल्ली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पुरकालीन कार्यकर्ता के रूप में संगठन मंत्री रहे और दिल्ली में अनेक छात्र आंदोलन का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय संघर्ष मोर्चा के माध्यम तत्कालीन राजनैतिक स्थितियों में बदलाव का नेतृत्व किया. इसके बाद 1989 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय मंत्री ज़िम्मेदारी निभाई.
1990 में भारतीय जनता पार्टी में संगठन मंत्री की ज़िम्मेदारी के साथ नड्डा हिमाचल प्रदेश भेजे गए. 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी मिली और तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कार्य करते हुए तिरंगा यात्रा में युवाओं के साथ रहे.
स्कूलिंग के दौरान नड्डा ऑल इंडिया जूनियर स्वीमिंग चैम्पियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. नड्डा ने 11 दिसंबर 1991 को मल्लिका से शादी रचाई. उनके दो बच्चे हैं. नड्डा की सास जयश्री बनर्जी लोकसभा सांसद रह चुकी हैं.
पहली बार नड्डा 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा पहुंचे और लगातार तीन बार विधायक चुने गए. वे 1994 से 1998 तक विधानसभा में पार्टी के नेता भी रहे. इसके बाद वे दोबारा 1998 में विधायक चुने गये. इस बार उन्हें स्वास्थ्य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया.
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2007 में फिर से नड्डा चुनाव जीते और प्रेम कुमार धूमल की सरकार में उन्हें वन-पर्यावरण, विज्ञान व टेक्नालॉजी विभाग का मंत्री बनाया गया. 2012 में जेपी नड्डा को राज्यसभा का सांसद चुना गया. उन्हें मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान सौंपी गई.
नड्डा के सामने चुनौती पिछले एक साल में पांच राज्यों से बीजेपी की पकड़ जाने के बाद क्या जे.पी.नड्डा बीजेपी के लिए राज्यों में अप्रत्याशित बदलाव ला सकते हैं? बड़ा सवाल है कि वह बीजेपी के लिए क्या 2020 में नुकसानों को रोक सकते हैं, जब दिल्ली और बिहार में चुनाव होने हैं.
जेपी नड्डा को उनके मिलनसार व्यवहार के लिए जाना जाता है. बीजेपी के एक राष्ट्रीय सचिव ने कहा, "उनका इनकार भी मुस्कान के साथ होता है." ऐसे समय में जब बीजेपी तेजी से सहयोगियों को खो रही है और उस पर अक्खड़ होने की बात कही जा रही है, ऐसे में नड्डा चेंजमेकर हो सकते हैं.
