कर्नाटक में पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में हुए कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बयान ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है. परीक्षा में कथित धांधली को लेकर विपक्ष प्रियांक खरगे से इस्तीफा मांग रहा है. इसे लेकर प्रियांक खरगे ने कहा, 'मैं इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन पहले उम्मीदवारों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने दूंगा. उन पर लाठचार्ज करवाऊंगा और फिर इस्तीफा दूंगा. जैसा उन्होंने नीट पेपर लीक के बाद किया था.'

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उम्मीदवारों के बीच फैली थी गलतफहमी: खरगे 

उन्होंने कहा, 'उम्मीदवारों के बीच यह गलतफहमी फैल गई थी कि OMR शीट और क्वेश्चन बैंक का सीरियल नंबर एक जैसा होना चाहिए. जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है और न ही किसी नियम में ऐसा कहीं लिखा है. केवल कुछ ही छात्र ऐसे थे जो इस गलतफहमी के चक्कर में परीक्षा छोड़कर बाहर चले गए, जबकि हमने उन्हें साफ चेतावनी दी थी कि एक बार बाहर जाने के बाद वापस अंदर आने की इजाजत नहीं होगी. जब उन्हें अपनी इस गलती का अहसास हुआ तो वे वापस अंदर आने की जिद करने लगे, लेकिन नियम बहुत स्पष्ट हैं कि अगर कोई परीक्षा केंद्र से OMR शीट लेकर बाहर चला जाता है तो उसे दोबारा एंट्री नहीं दिया जा सकता.'

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प्रियांक खरगे ने पूछा गया कि क्या पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'अगर कोई परीक्षा केंद्र में बाधा डालेगा, गेट तोड़कर जबरन अंदर घुसने की कोशिश करेगा तो कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है. हमें एग्जाम दे रहे बाकी छात्रों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होता है इसलिए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया.'

क्या है पूरा मामला?

कर्नाटक के विजयपुरा जिले के टिकोटा स्थित एग्जाम सेंटर पर सिविल पुलिस कांस्टेबल भर्ती एग्जाम में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं. स्टूडेंट्स का दावा है कि करीब आधे घंटे देरी से प्रश्नपक्ष बांटे गए और सभी क्लास में एक जैसे नियमों का पालन नहीं किया गया. इसी का विरोध करते हुए परीक्षार्थी एग्जाम सेंटर से बाहर निकल गए. वहीं अधिकारियों का कहना है कि इस एग्जाम को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आयोजित किया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि OMR शीट लेकर बाहर गए अभ्यर्थियों को दोबारा एंट्री करने की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि वे नियमों का उल्लंघन कर रहे थे.

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