बेंगलुरु: कर्नाटक में हो रहे विधानसभा चुनाव 2019 के आम चुनाव का क्वार्टर फाइनल माने जा रहे हैं. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक में 6 दिन में 21 रैलियां की. वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक में 27 रैलियां की. पीएम मोदी और बीजेपी के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है.
मोदी और अमित शाह की अगुवाई वाली बीजेपी की आज दक्षिण भारत में पहली बड़ी परीक्षा है. वही दक्षिण भारत जिसे दक्कन भी कहा जाता है. इस जगह को फतह करने में मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक के पसीने छूट गए थे. मोदी-शाह की जोड़ी के लिए 2019 के पहले ये सबसे बड़ा चुनाव है. हालांकि चुनाव के शुरुआत में 150 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर उतरी बीजेपी को प्रचार के आखिरी दिन अपने लक्ष्य का आंकड़ा घटाकर 130 करना पड़ा.
कर्नाटक में बीजेपी 2008 से 2013 के बीच सत्ता में रही थी. दक्षिण भारत में पहली बार कमल खिलाने वाले येदियुरप्पा पर मोदी-शाह की जोड़ी ने 2018 में फिर दांव खेला है. इसके अलावा नरेन्द्र मोदी ने खुद मैदान में उतरकर धुआंधार प्रचार किया. मोदी के लिए इस चुनाव के बेहद खास मायने हैं.
कर्नाटक चुनाव को 2019 के लोकसभा चुनाव का क्वार्टर फाइनल कहा जा रहा है. अगर बीजेपी इस चुनाव को जीतती है तो 2019 के लिए उसका रास्ता आसान हो जाएगा. वहीं इस जीत के साथ 21 राज्यों में एनडीए की सरकार हो जाएगी. अगर बीजेपी जीतती है तो एक बार फिर इस बात की पुष्टि हो जाएगी कि मोदी लहर कायम है.
कर्नाटक में पीएम मोदी ने 6 दिन में 21 रैलियां की हैं और 5 बार नमो एप के जरिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया है. बीजेपी का दावा है कि इस ऐप के जरिए मोदी 25 लाख लोगों तक पहुंचे हैं. कर्नाटक के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने भले 6 दिन बिताए लेकिन अमित शाह पिछले 6 महीने से कई बार कर्नाटक गए.
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