Border Row: कर्नाटक और महाराष्ट्र सीमा मुद्दे पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने शिव सेना के नेता संजय राउत के बयान की आलोचना की है. उन्होंने संजय राउत को लेकर कहा कि मुझे शक है कि क्या वह चीन के पक्ष में हैं? ये चीन का एजेंट है, ये देशद्रोही हैं. 

चीन को लेकर संजय राउत के दिए गए बयान पर भड़क गए बसवराज बोम्मई ने कहा कि संजय राउत देश की एकता और अखंडता को खराब कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनको देशद्रोही नहीं तो और क्या बुलाऊं? बोम्मई ने कहा कि अगर संजय इस तरह की बात करते रहे तो हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

 

क्या था संजय राउत का बयान?

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद बढ़ने पर शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार को यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि जिस तरह चीन भारतीय क्षेत्र में घुसा उसी तरह वे भी पड़ोसी दक्षिणी राज्य में घुसेंगे. पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है. राउत ने कहा कि जिस तरह से चीन घुसा (भारतीय क्षेत्र में), हम वैसा ही कर्नाटक में करेंगे. हमें ऐसा करने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि हम वार्ता के जरिये मुद्दे का हल करना चाहते हैं, लेकिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री अपने बयानों से हर चीज को निशाना बना रहे हैं. राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में एक कमजोर सरकार है और इसलिए वह उस कर्नाटक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है.

क्या है मामला?

सीमा का मुद्दा भाषाई आधार पर दोनों राज्यों के पुनर्गठन के बाद 1957 से है. महाराष्ट्र बेलगावी पर दावा जाता है जो तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था, क्योंकि वहां अच्छी-खासी तादाद मराठी बोलने वाले लोगों की है. वह उन 800 से अधिक मराठी भाषी गांवों पर भी दावा करता है, जो वर्तमान में कर्नाटक का हिस्सा हैं.वहीं, कर्नाटक का कहना है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम और 1967 की महाजन आयोग की रिपोर्ट के तहत भाषाई आधार पर किया गया सीमांकन अंतिम है.

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