नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधान सभा से पत्रकार संरक्षण कानून विधेयक पारित हुआ. पत्रकारों और पत्रकार संस्थाओं पर हमला करना हुआ दंडणीय अपराध. कानून के तहत फ्रीलांस पत्रकार और कांट्रेक्ट पर नियमित रूप से काम कर रहे पत्रकारों को भी सरंक्षण दिया गया है.
इस एक्ट के तहत पत्रकार पर हमला करनेवालों को तथा पत्रकारिता की आड़ में अनुचित काम करनेवालों को 3 साल तक की सज़ा या 50 हजार रु जुर्माना होगा.
इसमें यह भी व्यवस्था की गई है कि पत्रकार पर हमला करने वालों को उसके इलाज के लिये खर्च उठाना होगा. इतना ही नहीं मीडिया संस्थाओं पर भी हमला करने वालों को नुकसान की भरपाई देनी होगी.
कानून में झूठी शियाकत पर सजा का भी प्रावधान किया गया है. जांच में अगर शिकायतकर्ता की बात झूठ पायी जाती है तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
महाराष्ट्र के मुख्य़मंत्री देवेंद्र फड़णवीस की कैबिनेट में प्रस्ताव गुरूवार को मंजूर किया था, इसके बाद आज विधानसभा में यह विधेयक पारित किया गया. महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में पत्रकारों पर हमले हुए थे. इसके के बाद पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग उठी थी.
